'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म', PM मोदी ने की 'भारत विकास गाथा' की सराहना, मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन में दूसरा सर्वोच्च सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर' प्राप्त हुआ। उन्होंने भारत-स्वीडन संबंधों को प्रौद्योगिकी-संचालित ...और पढ़ें
-1779043169390_m.webp)
स्वीडन में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान (फोटो- @BJP4India)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन की यात्रा पर हैं। यहां उनको दूसरा सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ। पीएम मोदी के इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों को अधिक संरचित, प्रौद्योगिकी-संचालित आर्थिक साझेदारी में परिवर्तित करना है।
स्वीडन यात्रा के दौरान अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कुछ समय पहले मुझे स्वीडन के रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है, यह 140 करोड़ भारतवासियों का सन्मान है। यह स्वीडन के हमारे उन सभी साथियों का भी सन्मान है जिन्होंने भारत स्वीडन संबंधों को समृद्ध किया, एक मजबूत आधार दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और मानव-केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर आधारित हैं। हम दोनों ही नवाचार को विकास का एक माध्यम मानते हैं। हम स्थिरता को अपनी जिम्मेदारी और लोकतंत्र को अपनी ताकत मानते हैं।
World Applauds India’s Global Leadership!
— MyGovIndia (@mygovindia) May 17, 2026
From one nation to another, global honours continue to celebrate India’s rising stature under PM @narendramodi’s leadership.
Sweden has now conferred upon him the Commander Grand Cross of the Royal Order of the Polar Star its highest… pic.twitter.com/mdlTb5jCyJ
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम स्वीडन की टेक्नोलॉजी और भारत के स्केल को मिलाकर पूरे विश्व के लिए क्लाइमेट सॉल्यूशंस तैयार कर सकते हैं।भारत और स्वीडन का आर्कटिक रीजन पर सहयोग, ग्लोबल क्लाइमेट अंडरस्टैंडिंग में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इंडिया-ईयू एफटीए से इंडस्ट्रीज, इन्वेस्टर्स और इनोवेटर्स के लिए नए मौके खुलेंगे।
भारत ने लगातार कूटनीति पर दिया जोर
स्वीडन में पीएम मोदी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और स्वीडन जैसे लोकतंत्रों के बीच घनिष्ठ सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारत ने तनाव को सुलझाने और चुनौतियों का सामना करने के साधन के रूप में संवाद और कूटनीति पर लगातार जोर दिया है।
खबरें और भी
भारत और स्वीडन सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हमें स्वीडन से मिले समर्थन के लिए मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन का आभार व्यक्त करता हूं। हम आतंकवाद और उसके समर्थकों के विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत और यूरोप के संबंध एक नए मोड़ पर है। जर्मनी के स्तर पर हमने महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा तय किया है। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हमारी सहमति बन चुकी है।
आज, यूरोप और भारत के बीच संबंध एक नए मोड़ पर हैं। सरकारी स्तर पर, हम एक महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा पर सहमत हुए हैं। भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के संबंध में, एक सहमति बन गई है। जैसा कि उर्सुला जी ने जिक्र किया, यह सचमुच सभी सौदों की जननी है। हम इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और मोबिलिटी समझौतों के क्षेत्रों में भी हमारे सहयोग ने एक नई दिशा ली है। इसके अलावा, भारत-EU व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद ने हमारी साझेदारी को और मजबूत किया है। सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत आज एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत की गिनाई ताकतें
पीएम मोदी ने कहा कि भारत 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का देश है। हमारी युवा आबादी, बढ़ता मध्यम वर्ग और बुनियादी ढांचे का विस्तार भारत की वृद्धि को नई गति दे रहे हैं। पिछले 12 सालों में भारत सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के मूलमंत्र पर चला है। सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति से यह सुधार एक्सप्रेस फुल स्पीड पर आगे बढ़ रही है। आज भारत में प्रतिष्ठा है, स्केल है, मांग है, स्थिरता है और सबसे बड़ी बात, भारत में 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति है। इसलिए अब समय है कि हम इरादे से निवेश की ओर बढ़ें।
भारत और यूरोप की पार्टनरशिप केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह साझा मूल्यों की पार्टनरशिप है। यह लोकतंत्र और विविधता की पार्टनरशिप है। यह विश्वास और प्रेरणा की पार्टनरशिप है। यह इनोवेशन और समावेश की पार्टनरशिप है।
आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। हमारे स्टार्टअप एआई, फिनटेक, अंतरिक्ष, ड्रोन, बायोटेक, क्राइम टेक और मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक समाधान तैयार कर रहे हैं।"
आज मैं आपको भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित करने आया हूं। सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत आज नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है... हमारी युवा आबादी, बढ़ता मध्यम वर्ग और बुनियादी ढांचे का विस्तार भारत के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत reform, perform और transform के मूलमंत्र पर चला है। और सरकार की Political Will से यह रिफॉर्म एक्सप्रेस फुल स्पीड पर आगे बढ़ रही है।
-1779074678730.jpg)
स्वीडन में पीएम मोदी का बंगाली अंदाज में स्वागत

(फोटो: एएनआई)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वीडन पहुंचने पर वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय ने पारंपरिक बंगाली संस्कृति के साथ उनका भव्य स्वागत किया। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन की मौजूदगी में बंगाली पोशाक पहने महिलाओं ने पीएम मोदी का अभिनंदन किया, जिस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाली संस्कृति पूरी दुनिया में लोकप्रिय है और स्वीडन भी इसका अपवाद नहीं है।

इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने भारतीय संस्कृति की झलक दिखाते हुए भरतनाट्यम की प्रस्तुति और भारत-स्वीडन के छात्रों द्वारा तैयार एक शानदार म्यूजिकल ऑर्केस्ट्रा का आनंद भी लिया।