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'शर्मनाक और पूरी तरह से अस्वीकार्य', सिंगापुर के मंत्री का भारत विरोधी नस्लीय टिप्पणियों पर फूटा गुस्सा

Published: Sun, 06 Sep 2026 03:21 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 03:35 PM (IST)

सिंगापुर के मंत्री के शनमुगम ने भारत और भारतीयों को निशाना बनाने वाली नस्लभेदी ऑनलाइन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है, इन्हें शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया।

सिंगापुर के मंत्री के. शनमुगम(फोटो: सोशल मीडिया)

सिंगापुर के मंत्री के. शनमुगम(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, सिंगापुर। सिंगापुर के मंत्री के. शनमुगम ने भारत और भारतीयों को निशाना बनाने वाली नस्लभेदी और विदेशी मूल के लोगों के प्रति नफरत से भरी ऑनलाइन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने इन टिप्पणियों को शर्मनाक, भद्दा और पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया है। शनिवार को के. शनमुगम ने बताया कि पुलिस इन टिप्पणियों की जांच कर रही है, जो नेपाल-चीन आपदा के संदर्भ में ऑनलाइन पोस्ट की गई थीं।

शर्मनाक, भद्दी और पूरी तरह से अस्वीकार्य

सिंगापुर के गृह मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री के. शनमुगम ने कहा कि मीडिया ने मुझे बताया कि उन्हें कई टिप्पणियां हटानी पड़ीं क्योंकि वे बहुत ही भद्दी थीं।

मुझे नहीं पता कि ये सभी टिप्पणियां सिंगापुर के नागरिकों द्वारा की गई हैं या नहीं, लेकिन मैं यह जरूर कहूंगा कि ये टिप्पणियां शर्मनाक, भद्दी और पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने पुलिस को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।

के. शनमुगम ने कहा कि डिजिटल विकास और सूचना मंत्रालय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी संपर्क करेगा ताकि उनके दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाली इन टिप्पणियों को हटाया जा सके।

लापता सिंगापुरवासियों पर की गई भद्दी टिप्पणियां

ये टिप्पणियां नेपाल में आई विनाशकारी आपदा के बारे में हो रही चर्चाओं के बीच सामने आई हैं। के. शनमुगम ने लापता हुए सिंगापुर के नागरिकों के बारे में ऑनलाइन की गई नस्लभेदी टिप्पणियों के कई उदाहरण दिए, जिनमें नहीं, वे हमारे अपने नहीं हैं जैसी बातें शामिल थीं।

उन्होंने बताया कि इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द भारतीयों के लिए बेहद अपमानजनक थे। गौरतलब है कि सिंगापुर, भारत के प्रमुख आर्थिक भागीदारों में से एक है और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन में उसका सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।

नेपाल में बाढ़ का कहर

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आए बर्फीले हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी में आए भारी उफान ने उत्तर और मध्य नेपाल की बस्तियों को पूरी तरह तबाह कर दिया।

नेपाल पुलिस के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की संख्या 1344 हो गई है, जबकि लगभग 5000 लोग अभी भी लापता हैं और 13100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

कई शवों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त या टुकड़ों में मिलने के कारण पहचान में आ रही गंभीर कठिनाइयों को देखते हुए, नेपाल पुलिस ने लावारिस शवों और मानव अवशेषों की शिनाख्त के लिए लापता व्यक्तियों के परिजनों से डीएनए नमूने एकत्र करना शुरू कर दिया है।

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