'बांग्लादेश फर्स्ट...', चुनाव जीतने के बाद भारत और चीन पर क्या बोले तारिक रहमान?
बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की प्रचंड जीत के बाद तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय है। उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए लोगों से एकजुट रहने और र ...और पढ़ें

बांग्लादेश चुनाव के बाद तारिक रहमान का पहला संबोधन (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चीफ तारिक रहमान ने पार्टी को मिली प्रचंड जीत के बाद शनिवार, 14 फरवरी को राष्ट्र के नाम पहला संबोधन दिया।
तारिक रहमान ने बीएनपी की जीत के बाद बांग्लादेश के लोगों से एकजुट रहने की अपील की। रहमान ने ये जीत उन लोगों को समर्पित कर दी, जिन्होंने बांग्लादेश में डेमोक्रेसी के लिए कुर्बानी दी। इसके साथ भारत के साथ रिश्तों को लेकर भी रहमान ने जवाब दिया।
तारिक रहमान का पहला संबोधन
तारिक रहमान ने लोगों से पॉलिटिकल मतभेदों को अलग रखने की अपील की। रहमान ने अपने पहले भाषण में कहा, 'हमारे रास्ते और राय अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना चाहिए।'
तारिक रहमान ने आगे कहा, 'मेरा पक्का मानना है कि नेशनल यूनिटी एक कलेक्टिव ताकत है, जबकि बंटवारा एक कमजोरी है।' भारत के साथ रिश्तों पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश और उसके लोगों के हित हमारी फॉरेन पॉलिसी तय करेंगे।'
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रहमान ने अपने भाषण में सपोर्टर्स को धन्यवाद देते हुए शुरुआत की और इस मैनडेट को डेमोक्रेटिक उम्मीदों की जीत बताया। उन्होंने कहा, 'देश के आजादी पसंद करने वाले डेमोक्रेसी प्रो-डेमोक्रेसी लोगों ने एक बार फिर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को जीत दिलाई है।'
रहमान ने आगे कहा, 'यह जीत बांग्लादेश की है, डेमोक्रेसी की है, यह जीत उन लोगों की है जिन्होंने डेमोक्रेसी की चाहत रखी और इसके लिए कुर्बानी दी।' उन्होंने माना कि आने वाली सरकार को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' का जिक्र किया है। जाहिर है कि पॉलिसी का मकसद भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को बैलेंस करना है। रहमान ने चीन के बॉर्डर रोड इनिशिएटिव में भी रुचि दिखाई है।
बांग्लादेश चुनाव में BNP की प्रचंड जीत
इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, बीएनपी की लीडरशिप वाले अलायंस ने 212 सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी की लीडरशिप वाले अलायंस को 77 सीटें मिलीं।
जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान ने शुरू में वोटिंग प्रोसेस में अनियमितताओं और मनगढ़ंत बातों का आरोप लगाया, लेकिन बाद में हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एक सतर्क, सिद्धांतों पर चलने वाले और शांतिपूर्ण विपक्ष के तौर पर काम करेगी।