Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ईरान में क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन? पढ़िए 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से अब तक क्या-क्या हुआ

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 08:37 PM (IST)

    ईरान में दो हफ्तों से जारी महंगाई विरोधी प्रदर्शन 100 से अधिक शहरों में फैल गए हैं, जिसमें अब तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार की चेतावनी के बावज ...और पढ़ें

    ईरान में क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन? (फोटो- रॉयटर्स)

    ईरान में क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन? (फोटो- रॉयटर्स)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में दो हफ्ते से जारी महंगाई के विरोध वाले आंदोलन में हालात बेकाबू हो गए हैं। सरकार की कड़ी चेतावनी के बावजूद शनिवार शाम बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे लोगों ने जता दिया कि वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

    इस बीच सरकार विरोधी प्रदर्शन 100 से ज्यादा शहरों में फैल गया है, इनमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 116 हो गई है। केवल इस्फहान क्षेत्र में 30 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की सूचना है।

    ईरान के बिगड़ते हालात पर अमेरिका नजर रखे हुए है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे ईरानी लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सला वान डेर लिएन ने भी ईरानी लोगों का समर्थन किया है।

    iran news (2)

    सरकार प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार

    इस बीच अमेरिका, जर्मनी और स्पेन में ईरान की इस्लामिक सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। ईरान में सरकार आंदोलनकारियों को मिले-जुले संकेत दे रही है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार है लेकिन दंगाइयों से कोई बात नहीं होगी, उन्होंने देश के सामाजिक एकता को तोड़ने की कोशिश की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    पेजेश्कियान ने देश में अशांति के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। अटार्नी जनरल ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तोड़फोड़ और आगजनी के मामलों में गिरफ्तार लोगों के मामलों की न्यायालयों में सुनवाई की प्रक्रिया को तेज करें जिससे उन्हें जल्द दंडित किया जा सके।

    खबरें और भी

    iran news (1)

    तोड़फोड़ करने वाले अल्लाह के दुश्मन

    उन्होंने कहा है कि तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले अल्लाह के दुश्मन है और ऐसे लोगों के लिए देश के संविधान में मौत की सजा है। देश की इलीट फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी प्रदर्शनकारियों को चेताया है कि वे हिंसा और अराजक स्थितियों से दूर रहें। पता चला है कि रविवार को सरकार ने आंदोलन के दमन की कार्रवाई को तेज किया है।

    ईरान के अपदस्थ शाह के पुत्र व पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा है कि कट्टरपंथी इस्लामिक शासन व्यवस्था अंतिम सांसें ले रही है। बीते 46 वर्षों से लोग इस शासन को झेल रहे हैं और अब वे बदलाव चाहते हैं। वे देश में पंथ निरपेक्ष लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था चाहते हैं।

    पहलवी ने कहा है कि वह ईरान वापसी की तैयारी कर रहे हैं। पहलवी के इस बयान की पुष्टि कई स्थानों पर प्रदर्शनों के दौरान शाह की वापसी की मांग करने वाले पोस्टर कर रहे हैं। जबकि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ राजधानी तेहरान सहित सभी शहरों में नारे गूंज रहे हैं।

    विदित हो कि 1979 में इस्लामिक क्रांति के जरिये अयातुल्ला खोमेनी ने शाह रजा पहलवी को हटाकर ईरान की सत्ता पर कब्जा किया था। खोमैनी के निधन के बाद से खामेनेई ने सर्वोच्च नेता पद पर काबिज हैं। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)

    यह भी पढ़ें- Iran Protest Live: ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच युद्ध का खतरा, ट्रंप करेंगे हमला? हाई अलर्ट पर इजरायल

    यह भी पढ़ें- ईरान में अशांति बढ़ी, इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच हिंसा के आरोप; अब तक 78 की मौत