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    'पाक बाज नहीं आएगा तो हमारे पास और भी रास्ते...', जम्मू कश्मीर पर भड़का पाकिस्तान तो मुत्ताकी ने दे दिया अल्टीमेटम

    Updated: Mon, 13 Oct 2025 09:49 AM (IST)

    Afghan Minister Aamir Khan Muttaqi: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के भारत दौरे और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताने से पाकिस्ता ...और पढ़ें

    अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी। फोटो- पीटीआई

    अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी। फोटो- पीटीआई

    HighLights

    1. अफगानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खोटी।

    2. पाकिस्तान नहीं माना तो हमारे पास और भी विकल्प हैं: मुत्ताकी

    3. जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर भड़का था पाकिस्तान

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी (Aamir Khan Muttaqi)का भारत दौरा पाकिस्तान को पहले से रास नहीं आया। वहीं, अब जम्मू कश्मीर पर अफगान सरकार की नीति ने आग में घी का काम कर दिया है। हालांकि, अफगान सरकार ने पाकिस्तान को दो टूक जवाब दिया है।

    तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार ने जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया है। यह सुनकर पाकिस्तान आपा खो बैठा और काबुल पर एयर स्ट्राइक कर दी। अफगानी सेना ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और अब पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी भी दी गई है।

    अफगान विदेश मंत्री ने क्या कहा?

    आमिर खान मुत्ताकी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "अफगानिस्तान अपनी सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करेगा। यही वजह है कि हमने पाकिस्तान के हमले का तुरंत करार जवाब दिया। हमारी सेना ने रात भर में अपने लक्ष्य हासिल कर लिए। कतर और सऊदी अरब ने संघर्ष खत्म करने की अपील की है, इसलिए हमने अपनी तरफ से लड़ाई रोक दी है।"

    मुत्ताकी ने आगे कहा-

    अभी के लिए स्थिति नियंत्रण में है। हम सिर्फ अच्छे संबंध और शांति चाहते हैं। अफगानिस्तान अब आजाद है और शांति के लिए काम कर रहा है। मगर, पाकिस्तान यह नहीं चाहता है। ऐसे में अफगानिस्तान के पास और भी विकल्प मौजूद हैं।

    क्यों तिलमिलाया पाकिस्तान?

    बता दें कि भारत दौरे पर मुत्ताकी ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। दोनों देशों ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान जारी किया था, जिसमें जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया गया था। इस बैठक में भारत-अफगानिस्तान को पड़ोसी देश कहा गया था, क्योंकि अफगानिस्तान की सीमा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से लगती है।

    अफगानिस्तान के इस रुख पर पाकिस्तान आगबबूला हो उठा और पाक सरकार ने फौरन अफगानिस्तान के राजदूत को समन भेज दिया। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा, "तालिबान कश्मीरी लोगों के बारे में नहीं सोच रहा है। यह न सिर्फ इतिहास बल्कि उम्माह के साथ भी अन्याय है।"

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