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पाकिस्तान सेना ने हमलों के बाद किया पलटवार, मार गिराए 150 आतंकी

Published: Sun, 01 Feb 2026 04:01 PM (IST)Updated: Sun, 01 Feb 2026 10:58 PM (IST)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने 40 घंटों में 150 बलूच विद्रोहियों को मार गिराया। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ...और पढ़ें

HighLights

  1. बलूचिस्तान में 40 घंटे में 150 बलूच विद्रोही मारे गए।

  2. बीएलए ने 'हेरोफ' ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली थी।

  3. पाकिस्तान के भारत पर आरोप, भारत ने सिरे से नकारे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पिछले 40 घंटों में पाक सुरक्षा बलों ने 150 बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। विरोधियों ने सुरक्षा बलों, नागरिकों और अहम ठिकानों को निशाना बनाया था। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी और इसे 'हेरोफ' या 'काला तूफान' नामक ऑपरेशन बताया था।

पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को बताया था कि 92 उग्रवादी मारे गए थे। लेकिन अब कुल संख्या 145 हो गई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में उग्रवादियों का सफाया होना विद्रोह शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

किन इलाकों में हुई झड़प?

ये हमले प्रांत के कई जिलों में एक साथ हुए। इनमें क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी और अन्य इलाके शामिल थे। विद्रोहियों ने पुलिस स्टेशन, जेल, बैंक और सैन्य ठिकानों पर हमला किया। कुछ जगहों पर सुसाइड बम विस्फोट और गोलीबारी हुई। इन हमलों में 17 कानून प्रवर्तन कर्मी और 31 नागरिक मारे गए। अस्पतालों को इमरजेंसी मोड पर रखा गया और कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाए गए।

सुरक्षा बलों ने शहरों या किसी महत्वपूर्ण स्थल पर कब्जा करने की कोशिश को नाकाम कर दिया। बुगती ने कहा कि राज्य किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करेगा और उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

पाकिस्तानी आर्मी ने क्या दावे किए?

प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने हमलों की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने कहा कि यह 'हेरोफ' ऑपरेशन था, जिसका मतलब बलोची में 'काला तूफान' है। बीएलए ने दावा किया कि उन्होंने सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज किया और कहा कि हमले 'भारत प्रायोजित' थे।

पाकिस्तान की सेना ने शनिवार को आरोप लगाया कि ये हमले 'भारत समर्थित उग्रवादियों' ने किए। भारत ने रविवार को इन आरोपों को सिरे से नकार दिया।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम पाकिस्तान के निराधार आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान में अपनी जनता की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए, बजाय पड़ोसी पर इल्जाम लगाने के।

बलूचिस्तान में क्यों होते हैं हिंसक हमले?

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है। ये ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है। यहां दशकों से जातीय बलोच अलगाववादियों का विद्रोह चल रहा है। वे ज्यादा स्वायत्तता और प्राकृतिक संसाधनों में बड़ा हिस्सा मांगते हैं। प्रांत में गैस, खनिज और अन्य संसाधन भरपूर हैं, लेकिन स्थानीय लोग विकास से वंचित हैं।

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