यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pakistan General Election 2024: पाकिस्तान में आज साफ होगी नई सरकार की तस्वीर, नवाज शरीफ की पार्टी का पलड़ा भारी
Pakistan General Election चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए मतगणना स्थलों के आसपास करीब साढ़े छह लाख सुरक्षाकर्मियों को नियुक्त ...और पढ़ें

HighLights
- सबसे मजबूत पार्टी बनकर उभर सकती है पीएमएल (एन)
- पाकिस्तान के लिए आर्थिक तंगी और आतंकवाद बड़ी चुनौती
- चुनाव ड्यूटी के दौरान हमले में पांच पुलिसकर्मियों की मौत
पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान में छिटपुट हिंसा के बीच आम चुनाव के लिए गुरुवार शाम मतदान पूरा हो गया और मतगणना शुरू हो गई, शुक्रवार दोपहर तक ज्यादातर परिणाम आने की उम्मीद है।
चुनाव ड्यूटी के दौरान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खां जिले में सुरक्षाकर्मियों के वाहन पर हमले में पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। वाशबूद पंजगुर में हुए विस्फोट में दो बच्चों के मरने की सूचना है, अन्य घटनाओं में भी दो लोग मारे गए हैं।

चुनाव के दिन इंटरनेट सेवा निलंबित रखा गया
वैसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को पूरे दिन निलंबित रखा था। चुनाव सर्वे में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) को आगे माना जा रहा है। नवाज को सेना का समर्थन भी माना जा रहा है।
पीठासीन अधिकारी चुनाव परिणाम की घोषणा करेंगे
मतदान के बाद मतगणना स्थलों पर ही उम्मीदवारों के एजेंटों के समक्ष मतपेटियों की सील तोड़कर मतगणना शुरू कर दी गई। मतगणना संचालित कराने वाले पीठासीन अधिकारी ही रिटर्निंग ऑफिसर के जरिए चुनाव प्रबंधन व्यवस्था को सूचित करेंगे और परिणाम की घोषणा करेंगे।
सबसे मजबूत पार्टी बनकर उभर सकती है पीएमएल (एन)
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए मतगणना स्थलों के आसपास करीब साढ़े छह लाख सुरक्षाकर्मियों को नियुक्त किया गया है। चुनाव में पीएमएल (एन) के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की उम्मीद जताई जा रही है जबकि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) को मुकाबले में माना जा रहा है।
पाकिस्तान के लिए आर्थिक तंगी और आतंकवाद बड़ी चुनौती
चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग द्वारा रोक लगाने के कारण पीटीआइ के उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। पाकिस्तान की नई सरकार के लिए आर्थिक तंगी और आतंकवाद से निपटना बड़ी चुनौती होगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई बड़े हमले करके आतंकी संगठनों ने अपनी ताकत प्रदर्शित की है।

