इमरान खान के समर्थकों को लेकर खौफ में शहबाज सरकार, रावलपिंडी में कर्फ्यू; सड़कों पर मुनीर की सेना
Rawalpindi Curfew: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की अफवाहों के बीच उनकी पार्टी के समर्थक आदियाला जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। ...और पढ़ें

पाकिस्तान सरकार को सता रहा हिंसा भड़कने का डर। फाइल फोटो
HighLights
इमरान खान के समर्थकों का विरोध प्रदर्शन तेज
पाक सरकार ने रावलपिंडी में लगाई धारा 144
रावलपिंडी में 3 दिन के कर्फ्यू की घोषणा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की हत्या की अटकलें लगातार तूल पकड़ रही हैं। उनकी पार्टी के समर्थक आदियाला जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। इमरान खान के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पाक सरकार ने रावलपिंडी में धारा 144 लगा दी है।
पाकिस्तान को डर सता रहा है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थक रावलपिंडी में हंगामा खड़ा कर सकते हैं। रावलपिंडी को पाक सेना का गढ़ कहा जाता है। ऐसे में हिंसा भड़कने के डर से पाक सरकार ने पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया है।
रावलपिंडी के डिप्टी कमीश्नर डॉक्टर हसन वकार चीमा ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत धारा 144 लागू करने का आदेश दिया है। 3 दिनों के लिए लगाया गया यह कर्फ्यू 1-3 दिसंबर तक लागू रहेगा।
कर्फ्यू से कई चीजों पर लगा प्रतिबंध
- भारी संख्या में लोगों के एकजुट होने, पार्टी, धरना, जुलूस या विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है।
- रावलपिंडी में हथियार, कीलें, डंडे, पेट्रोल बम समेत अन्य विस्फोटक चीजें लेकर घूमने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इससे हिंसा भड़कने का खतरा है।
- हथियार लहराने या भड़काऊ भाषण देने पर भी रोक लगा दी गई है।
- अगर पुलिस ट्रैफिक की आवाजाही के लिए कोई भी प्रतिबंध लगाती है, तो उसका पालन करना होगा।
- धारा 144 लागू होते हुए शहर में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है।
1 दिसंबर को कर्फ्यू का आदेश जारी करते हुए रावलपिंडी प्रशासन ने कहा कि यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा और शांति के मद्देनजर लिया जा रहा है। कर्फ्यू की कड़ी निगरानी रखने के लिए पुलिस समेत पाकिस्तानी सेना भी सड़कों पर उतर आई है। कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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पाकिस्तान में PTI के समर्थकों का विरोध प्रदर्शन। फाइल फोटो
शहबाज सरकार की बढ़ी मुश्किल
बता दें कि इमरान खान को लेकर पाकिस्तान के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। इमरान के बेटे ने पिता के जिंदा होने के सबूत मांगे हैं। पाकिस्तान सरकार ने इमरान को अगस्त 2023 में सलाखों के पीछे बंद किया था।
पिछले 1 महीने से किसी को इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पाक सेना ने जेल में ही इमरान की हत्या कर दी है। मगर, पाकिस्तान ने इसे अफवाह बताते हुए सभी दावों को खारिज कर दिया है।