यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'हम.. हम.. कुर्बानी...', भारत को धमकी देते हुए कांपने लगे Pak राष्ट्रपति जरदारी; वायरल वीडियो पर खूब उड़ रहा मजाक
Pakistan President Video पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का एक बार फिर मजाक बना है। इस बार पाकिस्तान दिवस पर उसके राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कुछ ऐसा कहा जिस ...और पढ़ें

HighLights
- पाकिस्तान दिवस पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भाषण का उड़ रहा मजाक।
- पाक के पूर्व उच्चायुक्त बोले- ये पूरे देश की बेइज्जती।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Pakistan President Video पाकिस्तान हमेशा से अपनी गीदड़ भभकी के लिए मशहूर रहा है, लेकिन हर बार वो अपना ही मजाक बनाता है। अब पाकिस्तान दिवस पर एक बार फिर पड़ोसी मुल्क का मजाक बना है।
दरअसल, इस अवसर पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भाषण देते हुए कांपने लगे और कुछ ऐसा बोले जो खूब वायरल हो रहा है।
भारत को धमकी देते हुए लड़खड़ाई जुबान
पाकिस्तान दिवस के सेलिब्रेशन कार्यक्रम के दौरान तीनों सशस्त्र बलों की टुकड़ियां भी वहां मौजूद थी। इसी समय राष्ट्रपति जरदारी अपना भाषण देना शुरू करते हैं और भारत को धमकी देते हुए कांपने लगते हैं।
एक-एक शब्द बोलना हुआ मुश्किल
भाषण के दौरान जरदारी कई शब्दों को उल्टा-पुल्टा बोलते दिखे। जरदारी 'कोशिश की जा रही है' को 'खुशी की जा रही...', 'बेशुमार कुर्बानी को समर कुर्बानी' बोलते हुए सुनाई दिए। एक जगह वो अटकते हुए बोलते सुने गए हम..हम.. कुर्बानी देने तैयार हैं। उनके लिए मानों एक-एक शब्द पढ़ना मुश्किल हो गया था और उनकी कई बार सांस भी फूलती दिखी।
What jokers have been imposed on our dear Pakistan…..a demented guy has been installed as President of Pakistan 🥲 pic.twitter.com/sWgHoWl5p2
— Nomi (@mali03) March 23, 2025
पूर्व उच्चायुक्त बोले- पूरे देश का मजाक बना
जरदारी ने धमकी देते हुए कहा कि हम भारत के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। इसी वक्त वो कई और शब्द रुक-रुककर बोलते दिखे। इसका खूब मजाक भी बना। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने इस पर वीडियो जारी कर कहा कि ये तो हर पाकिस्तानी का मजाक बना है।
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बासित बोले- बीमारी में भाषण देने क्यों आए
अब्दुल बासित ने अपनी विडियो में कहा कि अगर राष्ट्रपति जरदारी बीमार ही थे, तो वो भाषण देने क्यों ही गए। बासित ने कहा कि जिस तरह से राष्ट्रपति भाषण पढ़ने में बेबस दिखे, उससे मुझे तकलीफ हुई है। राष्ट्रपति पूरे देश के नुमाइंदा होते हैं और ऐसे में ये केवल उनका नहीं, पूरे देश का मजाक उड़ने जैसा है। ये हर पाकिस्तानी का मजाक है।