यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Afghan immigrants: पाकिस्तान से अवैध अफगानों को निकालने का सिलसिला जारी, अब तक चार लाख से अधिक अप्रवासियों ने की वतन वापसी
Afghan immigrants पाकिस्तान ने देश में बढ़ते आतंकवाद का हवाला देते हुए अवैध अफगान नागरिकों को निर्वासित कर रहा है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार अब तक ...और पढ़ें

एएनआई, इस्लामाबाद।Pakistan Illegal Afghan immigrants पाकिस्तान में अवैध अफगान प्रवासियों को निकालने का अभियान लगातार जारी है। पाकिस्तान से हर दिन हजारों अफगान अवैध अप्रवासी अपने देश वापस लौट रहे हैं। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक निर्वासित किए गए नागरिकों की कुल संख्या 4,35,152 तक पहुंच गई है। पाकिस्तान ने इस निर्वासन को लेकर कहा, "अफगानों सहित अवैध विदेशी नागरिकों की उनकी मातृभूमि में वापसी सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से जारी है।" एआरवाई न्यूज ने बताया कि रविवार को 1634 अवैध अफगान नागरिक लौट आए।
एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यवाहक पीएम अनवारुल हक काकर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्य योजना की शीर्ष समिति ने 3 अक्टूबर को एक बैठक के दौरान अवैध अप्रवासियों के निर्वासन को लेकर निर्णय लिया था। इस बैठक में देश में अवैध रूप से रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों को 31 अक्टूबर तक स्वेच्छा से छोड़ने या निर्वासन का सामना करने के लिए समय सीमा तय की गई थी।
'प्रत्यावर्तन प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण के महत्व पर जोर'
पाकिस्तानी सरकार तोरखम और चमन सीमाओं पर अवैध अफगानों के लिए प्रत्यावर्तन प्रक्रिया को सक्रिय रूप से सुविधाजनक बना रही है। कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सरफराज अहमद बुगती ने सीनेट को संबोधित करते हुए प्रत्यावर्तन प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री [अनवारुल हक काकर] ने बहुत स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्यावर्तन प्रक्रिया के दौरान अवैध अप्रवासियों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए।"
कानूनी दस्तावेज रखने वाले अफगान शरणार्थी पूरी तरह से सुरक्षित
बुगती ने सदन को आश्वासन दिया कि सीमा पर किसी भी कुप्रबंधन को तुरंत सुना जाएगा और उसपे एक्शन लिया जाएगा और इस संबंध में राजनीतिक नेतृत्व के सुझावों का स्वागत किया जाएगा। एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, "कानूनी दस्तावेज रखने वाले किसी भी अफगान शरणार्थी को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया गया।"