पाकिस्तान आर्मी ने वाट्सएप छोड़ चीन के वीचैट को अपनाया, अमेरिकी एप से जासूसी और हैकिंग का डर
पाकिस्तान आर्मी ने अपने अधिकारियों और जवानों को आधिकारिक संचार के लिए वाट्सएप का इस्तेमाल बंद करने और धीरे-धीरे चीन के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वीचैट पर शि ...और पढ़ें

पाकिस्तान आर्मी ने वाट्सएप छोड़ चीन के वीचैट को अपनाया
HighLights
वीचैट चीन का सबसे बड़ा सुपर एप है
चीन-पाकिस्तान रक्षा संबंधों का डिजिटल विस्तार
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान आर्मी ने अपने अधिकारियों और जवानों को आधिकारिक संचार के लिए वाट्सएप का इस्तेमाल बंद करने और धीरे-धीरे चीन के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वीचैट पर शिफ्ट होने का निर्देश दिया है।
आर्मी के निर्देश के अनुसार, सैन्य नेतृत्व का मानना है कि वाट्सएप पर निगरानी, डेटा लीक और आधिकारिक बातचीत हैक होने का जोखिम ज्यादा है। इसलिए कर्मियों को आधिकारिक चैट्स वीचैट पर स्थानांतरित करने को कहा गया है। यह फैसला साइबर खतरों के बीच सैन्य संचार को सुरक्षित बनाने पर पाकिस्तान के बढ़ते फोकस को दर्शाता है।
क्यों चुना वीचैट?
वीचैट चीन का सबसे बड़ा सुपर एप है। इसमें सिर्फ टेक्स्ट चैट ही नहीं, बल्कि वॉइस और वीडियो कॉल, फाइल शेयरिंग और डिजिटल पेमेंट जैसी सुविधाएं भी हैं। यह एक ऑल-इन-वन कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है।
चीन-पाकिस्तान रक्षा संबंधों का डिजिटल विस्तार
यह बदलाव तब हुआ है जब चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। पहले यह मुख्य रूप से सैन्य हार्डवेयर तक सीमित था, अब साइबर सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस सहयोग तक फैल गया है।
एक ही कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने से दोनों सेनाओं के बीच सीमा चर्चा, संयुक्त अभ्यास और अन्य सहयोगी अभियानों में समन्वय आसान हो सकता है।
भारत में वीचैट पर बैन
यह कदम भारत के रुख के बिल्कुल विपरीत है। जून 2020 में भारत सरकार ने वीचैट समेत 59 अन्य चीनी ऐप्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बैन लगा दिया था।
आरोप था कि यूजर डेटा देश के बाहर भेजा जा रहा है। जहां भारत ने सुरक्षा खतरों के चलते एप हटा दिया, वहीं पाकिस्तान की सेना अब इसे आधिकारिक आंतरिक संचार प्लेटफॉर्म के रूप में अपना रही है।