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    साइबेरिया में दबा 'रेयर अर्थ मटेरियल' खोदकर निकालेगा भारत, रूस ने की पेशकश; चीन को लगेगी मिर्ची

    Updated: Wed, 17 Jun 2026 11:44 PM (IST)

    रूस ने भारत को साखा गणराज्य में स्थित टामटोर रेयर अर्थ मेटल्स डिपाजिट तक पहुंच का प्रस्ताव दिया है। ...और पढ़ें

    (यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

    (यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

    HighLights

    1. रूस ने भारत को टामटोर रेयर अर्थ डिपाजिट तक पहुंच दी

    2. आइआरईएल और रोसनेफ्ट नमूनों के विश्लेषण पर कर रहे बात

    3. भारत क्रिटिकल मिनिरल्स के लिए चीन पर निर्भरता घटाएगा

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस ने भारत को साखा (याकुटिया) गणराज्य में स्थित टॉमटोर रेयर अर्थ मेटल्स डिपाजिट तक पहुंच का प्रस्ताव दिया है। भारत की सरकारी कंपनी इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (आईआरईएल) इस डिपाजिट के सैंपल (नमूने) हासिल करने और उनके विश्लेषण के लिए रूस की कंपनी रोसनेफ्ट के साथ गोपनीय बातचीत कर रही है।

    रूस ने भारत को दी पहुंच 

    'द मास्को टाइम्स' ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि डिपाजिट से मिले मटीरियल की प्रोसेसिंग रूस में ही होगी। इसके बाद विस्तृत जांच के लिए भारत भेजा जाएगा, जहां भारतीय विशेषज्ञ सहयोग के बारे में फैसला लेने के लिए इसके मिनरल कंपोजिशन (खनिज संरचना) का आकलन करेंगे।

    टॉमटोर रेयर अर्थ मेटल्स डिपाजिट दुनिया में रेयर अर्थ एलिमेंट्स के सबसे बड़े अविकसित स्रोतों में से एक है। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब भारत क्रिटिकल मिनिरल्स के लिए घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने और चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है।

    चीन का दबदबा 

    चीन का अभी ग्लोबल रेयर अर्थ इंडस्ट्री पर दबदबा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में टामटोर प्रोजेक्ट का कंट्रोल रोसनेफ्ट को सौंप दिया गया, क्योंकि मास्को ने अपने घरेलू अहम मिनरल सेक्टर को विकसित करने की कोशिशें तेज कर दी थीं।

    खबरें और भी

    रूस के लिए, रणनीतिक सामानों के मामले में भारत के साथ सहयोग बढ़ाना संसाधन परियोजनाओं को विकसित करने और एक अहम व्यापारिक साझेदार के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने का एक जरिया है।

    (न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)