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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पुतिन ने यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से किया इनकार, पश्चिमी देशों पर जमकर साधा निशाना

    By AgencyEdited By: Amit Singh
    Updated: Fri, 28 Oct 2022 05:35 AM (IST)

    पुतिन ने यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के किसी भी इरादे से इनकार किया लेकिन वहां के संघर्ष को पश्चिम द्वारा अपने वैश्विक प्रभुत्व को सुरक्षि ...और पढ़ें

    पुतिन का परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार
    पुतिन का परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार

    मास्को, रायटर: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि पश्चिमी देश पूरी दुनिया में खतरनाक, गंदा और खूनखराबे वाला खेल कर रहे हैं। वे अहंकार का भाव रखकर अपनी नीतियां थोपना चाहते हैं। उनकी सोच उपनिवेशवादी है। बावजूद इसके रूस पश्चिमी देशों के सहयोग से चल रहे यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा। पूर्व में ऐसी बात भी नहीं कही गई। रूस की परमाणु ताकत बचाव के लिए है, हमले के लिए नहीं। हमने यूक्रेन के विकिरण फैलाने वाले डर्टी बम को लेकर आशंका जताई है जिसे बनाने की तकनीक उसके पास है।

    पश्चिमी देशों से पुतिन का इशारा अमेरिका के नेतृत्व वाले यूरोपीय देशों से था। पुतिन ने यह बात वाल्दाई डिस्कशन क्लब में कही है। इस क्लब में 44 देशों के विशेषज्ञ भाग लेकर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। पुतिन ने कहा, पश्चिम ताकत के बल पर दुनिया पर अपना प्रभाव कायम करना चाहता है। उसकी चाहत खतरनाक है। जबकि रूस की सोच दुनिया में बहुध्रुवीय व्यवस्था कायम करने की है जिसमें सभी की भागीदारी हो। दुनिया में यही व्यवस्था कायम होगी, भले ही थोड़ा विलंब हो। लेकिन यह व्यवस्था जितनी जल्द कायम होगी, दुनिया का उतना जल्द कल्याण होगा। पश्चिमी देश जैसा बोएंगे-वैसा ही काटेंगे।

    रूसी राष्ट्रपति ने कहा, यूक्रेन युद्ध उपनिवेशवादी सोच का परिणाम है। इसके चलते यूक्रेन अब भारी नुकसान उठा रहा है। विश्व में प्रभाव बढ़ाने के लिए ताइवान में संकट पैदा किया जा रहा है। पुतिन ने कहा, वह पश्चिमी देशों के दुश्मन नहीं हैं। लेकिन यह कभी स्वीकार नहीं करेंगे कि पश्चिमी देश रूस को निर्देशित करें। कहें कि रूस को क्या करना है या नहीं करना है। हम किसी अन्य के क्षेत्र में प्रभाव जमाने नहीं जा रहे।

    आर्थिक संकट का दौर पार कर चुका रूस

    पुतिन ने कहा, पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाकर उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद करनी चाही थी लेकिन यह प्रयास विफल रहा। रूस प्रतिबंधों के चलते आर्थिक संकट का उच्चतम स्तर पार कर चुका है। वह एशियाई देशों के साथ ऊर्जा के नए समझौते करने के लिए तैयार है। रूसी अर्थव्यवस्था अब नई ऊंचाई प्राप्त करने के लिए अग्रसर है। रूस में वह किसी भी कंपनी का राष्ट्रीयकरण नहीं करने जा रहे। रूस जैसे चल रहा है, वैसे ही चलते हुए नई ऊंचाइयां छुएगा।

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    चिनफिंग खास मित्र, एमबीएस सम्मानीय, एर्दोगन मजबूत नेता

    पुतिन ने चीन के राष्ट्रपति शी चिन¨फग को खास मित्र बताया और रूस-चीन के असीम सहयोग पर खुशी जताई। पुतिन ने कहा, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) सम्मान के काबिल हैं। रूस सऊदी अरब के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए जल्द नए कदम उठाएगा। पुतिन ने तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन को मजबूत नेता बताया। कहा कि वह अपनी विचारधारा के अनुसार कार्य करते हैं किसी के दबाव में नहीं आते। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, उन्होंने जी 20 देशों के इंडोनेशिया में नवंबर में होने वाले सम्मेलन में भाग लेने के संबंध अभी निर्णय नहीं लिया है। रूस संपन्न देशों के इस समूह का सदस्य है।

    यूक्रेन और पश्चिमी देशों से वार्ता को तैयार

    पुतिन ने दुनिया इस समय द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे मुश्किल दौर का सामना कर रही है। इस स्थिति को खत्म करने के लिए पश्चिमी देश परमाणु हथियारों के नाम पर ब्लैकमे¨लग बंद कर रूस से बात कर सकते हैं। अमेरिका को यूक्रेन से बातचीत के लिए कहना चाहिए। यूक्रेन यह भी समझ ले कि उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता की गारंटी केवल रूस दे सकता है..और कोई देश नहीं। पुतिन ने कहा, वह यूक्रेन में बलिदान करने वाले रूसी सैनिकों के बारे में हमेशा सोचते हैं। लेकिन इस युद्ध को टाला नहीं जा सकता था। रूस ने बातचीत से गतिरोध को दूर करने की हर संभव कोशिश की, स्पष्ट कारण रखे। लेकिन अमेरिका ने उसे नहीं सुना। उसके बाद सैन्य कार्रवाई के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा था।