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    यूरोप ने समझा ट्रंप का संदेश: नाटो प्रमुख बोले- 'सैन्य योगदान बढ़ाने को तैयार हैं सहयोगी देश'

    Updated: Tue, 05 May 2026 06:43 AM (IST)

    नाटो महासचिव मार्क रूट ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेश समझ लिया है और अब वे सैन्य योगदान बढ़ाने तथा अमेरिकी से ...और पढ़ें

    यूरोप ने समझा ट्रंप का संदेश, सैन्य योगदान बढ़ाने को तैयार: नाटो प्रमुख (फोटो- रॉयटर)

    यूरोप ने समझा ट्रंप का संदेश, सैन्य योगदान बढ़ाने को तैयार: नाटो प्रमुख (फोटो- रॉयटर)

    HighLights

    1. सैन्य अड्डों के इस्तेमाल पर अमेरिका से समझौते लागू करने की तैयारी

    2. स्पेन को छोड़ अधिकांश नाटो देश सहयोग के पक्ष में

    3. जर्मनी-अमेरिका के बीच बयानबाजी से बढ़ा तनाव

    4. पोलैंड ने चेताया- आंतरिक मतभेद नाटो के लिए सबसे बड़ा खतरा

    एएनआई, येरेवन (आर्मेनिया)। नाटो महासचिव मार्क रूट ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेश समझ लिया है और अब वे सैन्य योगदान बढ़ाने तथा अमेरिकी सेना को सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

    अल जजीरा के मुताबिक, रूट ने संकेत दिया कि महाद्वीप में सैन्य अड्डों के इस्तेमाल से जुड़े समझौतों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

    आर्मेनिया में आयोजित यूरोपीय राजनीतिक समुदाय शिखर सम्मेलन के दौरान रूट ने स्वीकार किया कि ट्रांस-अटलांटिक साझेदारों के बीच हाल के दिनों में तनाव रहा है, लेकिन अब यूरोपीय देश वा¨शगटन की चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से कुछ निराशा जरूर थी, लेकिन यूरोप ने उसे सुना है।यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच कुछ नाटो देशों पर पर्याप्त समर्थन न देने का आरोप लगाया था।

    इस रणनीतिक दबाव का असर यूरोपीय देशों के रुख में बदलाव के रूप में दिखने लगा है।जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने हाल ही में अमेरिका को नाटो में सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

    यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने पश्चिम एशिया के मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन की आलोचना की थी। मर्ज ने इंटरनेट मीडिया पर भी कहा कि दोनों देशों का साझा लक्ष्य है- ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना।

    हालांकि, दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेद भी उभरकर सामने आए हैं। ट्रंप ने ओवल आफिस में एक कार्यक्रम के दौरान मर्ज की आलोचना करते हुए कहा कि जर्मन चांसलर खराब काम कर रहे हैं और उन्हें आव्रजन व ऊर्जा जैसे घरेलू मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

    खबरें और भी

    ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के परमाणु मुद्दे पर बातचीत में उनकी स्थिति सही है।इस बीच, व्हाइट हाउस ने यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति घटाने का संकेत दिया है।

    ट्रंप प्रशासन जर्मनी से पहले प्रस्तावित 5,000 सैनिकों से भी अधिक संख्या में सैनिकों की वापसी पर विचार कर रहा है, जिससे सहयोगी देशों पर रक्षा जिम्मेदारियां बढ़ाने का दबाव और बढ़ गया है।

    नाटो सहयोगियों के बीच चल रहे इस तनाव के बीच पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने चेतावनी दी है कि गठबंधन के सामने सबसे बड़ा खतरा बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक विभाजन है। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि वे आपसी मतभेद दूर कर संगठन की एकजुटता बनाए रखें।उल्लेखनीय है कि 1949 में स्थापित नाटो 32 देशों का सैन्य गठबंधन है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक और सैन्य सहयोग के जरिए सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।