ब्रिटिश सेना के एक ट्रेनिंग कॉलेज पर गंभीर आरोप, टीनएज महिला सैनिकों ने किया यौन हिंसा का खुलासा
ब्रिटेन के आर्मी फाउंडेशन कॉलेज में महिला रंगरूटों के साथ यौन हिंसा और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों और पीड़ित महि ...और पढ़ें
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HighLights
हैरोगेट कॉलेज में महिला रंगरूटों से यौन हिंसा के गंभीर आरोप।
MoD डेटा: 176 शिकायतें, स्टाफ और जूनियर सैनिकों के खिलाफ।
पीड़ितों की दर्दनाक आपबीती, सेना ने सुधार का वादा किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन के सबसे बड़े सैन्य प्रशिक्षण संस्थान, आर्मी फाउंडेशन कॉलेज (AFC), हैरोगेट, नॉर्थ यॉर्कशायर में महिलाओं के साथ यौन हिंसा और गंभीर दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां ट्रेनिंग ले रही महिला रंगरूटों के साथ जूनियर सैनिकों और स्टाफ सदस्यों द्वारा व्यवस्थित रूप से यौन हिंसा, उत्पीड़न और शोषण किए जाने के आरोप लगे हैं। यह कॉलेज 19 साल से कम उम्र के युवाओं के लिए ब्रिटेन का सबसे बड़ा सैन्य प्रशिक्षण केंद्र है, जहां 16 साल के नए रंगरूटों को ट्रेनिंग दी जाती है।
सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
ब्रिटेन की रक्षा मंत्रालय (MoD) के डेटा के अनुसार, जनवरी 2018 से जून 2025 के बीच इस कॉलेज में अनुचित यौन व्यवहार की 176 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 32 शिकायतें स्थायी स्टाफ के खिलाफ और 144 शिकायतें जूनियर सैनिकों के खिलाफ थीं। नॉर्थ यॉर्कशायर पुलिस को इस कॉलेज से जुड़े यौन अपराधों की 16 शिकायतें जून तक के एक साल में मिली हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और ताक-झांक शामिल हैं।
इतना ही नहीं ब्रिटेन की सेना द्वारा किए गए एक आधिकारिक सर्वे में सामने आया था कि पिछले एक साल में ब्रिटिश सेना में सेवा दे रही 67% महिलाओं को पुरुष सहकर्मियों द्वारा किसी न किसी रूप में गैर-सहमति वाले यौन व्यवहार का सामना करना पड़ा है।
पीड़ित महिलाओं की दर्दनाक आपबीती
हालांकि मामले में ज्यादा गंभीरता तब सामने आई, जब इस संस्थान से बाहर आ चुकी कम से कम चार महिलाओं ने अपनी डरावनी दास्तां बयां की है। एक पीड़िता बताती हैं कि जब वह 17 साल की थीं, तब कॉलेज में कई साथी सैनिकों ने उनके साथ घंटों तक सामूहिक बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद एक प्रशिक्षक ने उनके बारे में आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें फैलानी शुरू कर दीं, जिससे उन्हें मात्र दो हफ्ते बाद सेना छोड़नी पड़ी।
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वहीं एक अन्य पीड़िता ने बताया कि एक साथी सैनिक ने उन्हें कमरे में घेरकर जबरदस्ती की और यौन उत्पीड़न किया। हालांकि बाद में वह खुद को बचाने में कामयाब रहीं। इसके अलावा एक अन्य पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को लगभग रोज ही यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था। यहां तक कि उनके कमरे का ताला खराब होने के कारण उन्हें रात में दरवाजे पर सोना पड़ता था ताकि कोई अंदर न आ सके। स्टाफ के लोग भी उन्हें भद्दे ताने देते थे।
फौजी अदालतों में सजा और सेना की प्रतिक्रिया
बता दें कि पिछले पांच वर्षों में इस कॉलेज के कई वयस्क प्रशिक्षकों को शारीरिक और यौन हिंसा के मामलों में फौजी अदालतों द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। उदाहरण के लिए, 2023 में कॉरपोरेल डैनियल कॉनवे को सोते समय एक सहकर्मी के साथ बलात्कार करने के मामले में 7 साल से अधिक की जेल हुई थी।
वहीं मामले में अब अगर बात सेना के पक्ष की करें तो ब्रिटिश सेना के प्रवक्ता ने इन रिपोर्टों को बेहद परेशान करने वाला और गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि सेना में इस तरह के आपराधिक और अस्वीकार्य व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है। सेना ने पीड़ितों की मदद के लिए नए सुधार लागू करने की बात कही है, जिसमें 'डिफेंस सीरियस क्राइम कमांड' के जरिए स्वतंत्र सहायता प्रदान करना शामिल है।