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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कैश के लिए बैंक आई महिला का गर्भपात, घंटों कतार में लगने से बिगड़ी तबीयत

    By Sunil Kumar JhaEdited By:
    Updated: Fri, 16 Dec 2016 12:14 PM (IST)

    नोटबंदी के कारण लोगों की परेशानी समाप्‍त हाेने का नाम नहीं ले रही। कैथल के एक गांव में बैंक से रकम निकालने आई महिला का गर्भपता हो गया। घंटों लाइन में ...और पढ़ें

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    जेएनएन, कैथल। नोटबंदी के कारण लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। गांव भागल में बैंक के बाहर घंटों लाइन खड़ी एक महिला का गर्भपात हो गया। वह कई घंटे लाइन में लगी रही और बैंक के अंदर पहुंचने पर बैंक मैनेजर से तकरार से वह घबरा गई और उसकी तबीयत बिगड़ गई। इससे गर्भस्थ बच्चे की मौत हो गई। महिला की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।

    गांव भूसला के रहने वाले रीना व उसके पति राम प्रताप का पंजाब नेशनल बैंक भागल में खाता था और वे दोनों ही सुबह बैंक के बाहर लाइन में यह सोचकर लगे थे कि डिलीवरी नजदीक है। वे बैंक से रुपये निकलवा लें ताकि यदि कोई मुश्किल घड़ी आ गई तो दिक्कत न हो।

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    बैंक के बाहर लाइन लंबी होने के चलते पहले तो कई घंटों बाद उनका नंबर आया और जब नंबर आया तो उन्होंने बैंक मैनेजर से प्रार्थना की कि उन्हें दो-दो हजार की बजाय तीन-तीन हजार रुपये दिए जाएं क्योंकि नोटबंदी के चलते जरूरत पडऩे पर एकदम रुपयों इंतजाम करना काफी कठिन हो जाएगा।

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    रीना के पति राम प्रताप ने बताया कि उनका मैनेजर के साथ तकरार भी हुआ। इसके दंपती को दो हजार रुपये की दिए गए। इस तकरार से महिला घबरा गई और थकावट और घबराहट के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई। उसे चीका स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गयालेकिन डाक्टरों ने उसे कैथल के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। जहां ज्यादा खून बहने के कारण उसकी तुरंत डिलीवरी करानी पड़ी, लेकिन डॉक्टर नवजात को नहीं बचा पाए।

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    बैंक के मैनेजर अनिल गुप्ता ने कहा कि किसी को भी दो हजार से ऊपर कैश देना उसके बस से बाहर की बात है। हमारे लिए यही आदेश हैं।