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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हरियाणा विस में जीएसटी बिल पास, जैन मुनि पर टिप्‍पण्‍ाी का मामला भी गूंजा

    By Sunil Kumar JhaEdited By:
    Updated: Tue, 30 Aug 2016 09:11 AM (IST)

    हरियाण विधानसभा ने जीएसटी बिल को सोमवार को पारित कर दिया। इसके साथ ही जैन मुनि तरुण सागर पर संगीतकार विशाल ददलानी द्वारा टिप्‍पणी किए जाने का मामला भ ...और पढ़ें

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    चंडीगढ़, [वेब डेस्क]। हरियाणा विधानसभा में सोेमवार को जीएसटी बिल को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने पेश किया। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई। इसके साथ ही अाम आदमी पार्टी के नेता और मशहूर संगीतकार विकास ददलानी और तहसीन पूनावाला के खिलाफ मुनि तरुण सागर जीे के बारे में टिप्पणी करने पर विधानसभा में निंदा प्रस्ताव रखा गया। हालांकि यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। इसके अलावा विधानसभा में फसल बीमा योजना का मामला भी उठा और विपक्ष की ओर से इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा गया।

    विधानसभा के मानूसन सत्र की कार्यवाही अवकाश के बाद सोमवार को श्ाुरू हुई। विधानसभा में देर शाम वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने जीएसटी बिल ने पेश किया। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन सरकार को इसे पारित कराने में अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ी।

    इससे पहले जैन मुनि तरुण सागर के खिलाफ संगीतकार विशाल ददलानी और तहसीन पूनावाला की टिप्पणी का मामला विधानसभा में भी गूंजा। ददलानी ने जैन मुनि द्वारा हरियाणा विधानसभा में प्रवचन देने पर आपत्तिजक टिप्पणी की थी।

    विधानसभा में ददलानी और पूनावाला के खिलाफ निंदा प्रस्ताव राज्य की मंत्री कविता जैन ने रखा। इस पर चर्चा हुई और सदस्यों ने बयान को आपत्तिजनक बताया, लेकिन यह प्रस्ताव पारित नहीं हाे सका। विशाल ददलानी ने पिछले दिनों हरियाणा विधानसभा में जैन मुनि तरुण सागर के प्रवचन देने पर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पूनावाल ने भी जैन मुनि को लेकर अापत्तिजनक पोस्ट डाली थी। इससे बवाल मच गया और दो दिन से इससे पर हंगामा मचा हुआ है।

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    फसल बीमा योजना पर हुआ जोरदार हंगामा

    दूसरी ओर, विधानसभा में अाज फसल बीमा मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच भिड़ंत हुई। इससे सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस और इनेलाे विधायकों ने प्रदेश सरकार पर इस याेजना को लेकर जोरदार हमले किए। कांग्रेस के एक सदस्य की टिप्पणी के बाद भाजपा के सदस्य भी उखड़ गए और दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।

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    इनेलो नेता अभय चौटाला ने इस योजना को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग हंस रहे हैं और किसानों के हितैषी होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इनको किसानों की परेशानी का पता ही नहीं है। अभय सिंह चौटाला ने की फसल बीमा योजना पर विधानसभा में चर्चा की मांग।

    इनेलो और कांग्रेस विधायकों ने किसानों के ऋण खातों से बिना उनकी मंजूरी के फसल बीमा योजना के प्रीमियम की राशि काट लिए जाने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए। इनेलो व कांग्रेस विधायकों ने योजना को राज्य में लागू नहीं किए जाने अथवा लागू करने की स्थिति में प्रीमियम की राशि राज्य सरकार द्वारा खुद भरे जाने की मांग की।

    प्रदेश सरकार की ओर से भी इस मामले में सफाई देते हुए योजना को किसानों के हित में बताया गया और कहा गया है कि विपक्षी दल किसानों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। इसी बीच, कांग्रेस के करण सिंह दलाल ने 30 फीसदी पैसा मंत्रियों की जेब में जाने का आरोप लगाया तो जबरदस्त हंगामा हो गया। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा के करण दलाल बिना किसी आधार के आरोप लगा रहे हैं और इसके लिए वह माफ़ी मांगें।

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    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार किसानों पर जबरन फसल बीमा योेजना थोप रही है। इससे बीमा कंपनियों के वारे-न्यारे होंगे। अभय चौटाला ने की हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही है।

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    कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने प्रदेश में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी को लेकर मची त्राहि-त्राहि मची हुई है। प्रदेश के लोगों को पानी मोटी रकम देकर खरीदना पड़ रहा है। सरकार को अाम लोगों की परेशानी से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।