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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कदम से कदम स्वास्थ्य की ओर

    By Babita kashyapEdited By:
    Updated: Tue, 19 Apr 2016 12:51 PM (IST)

    क्या आपको पता है कि टहलने से आपके शरीर में हर 15वें मिनट पर कई विलक्षण बदलाव होते हैं, जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखते हैं... ...और पढ़ें

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    आधुनिक युग में स्वास्थ्य को सुधारने का महत्व हर आयु वर्ग में दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उम्दा सेहत को बरकरार रखने के लिए अनेक उपाय हैं। जैसे जिम जाना, योगा करना, तैराकी करना, साइकिल चलाना और डांस करना आदि, लेकिन इन सबमें सबसे सरल व अधिक लाभदायक उपाय तेजी से चलना या टहलना है। टहलना हमारे शरीर को बाहरी व अंदरूनी रूप से स्वस्थ व सुडौल बनाता है। तेजगति से चलना व टहलने से हमारे शरीर पर होने वाले परिवर्तनों को हम इस तरह से जान सकते हैं...

    1 से 15 मिनट तक

    शुरू के 1 से 15 मिनट चलने पर शरीर के तापमान में मामूली वृद्धि होती है, जिसके परिणाम स्वरूप हार्ट रेट या दिल की धड़कन में मामूली वृद्धि होती है। यह धड़कन प्रति मिनट 70 से 100 तक रहती है। जैसे-जैसे आप

    आगे बढ़ते हैं, वैसे-वैसे प्रति मिनट 05 कैलोरी बर्न हो जाती है। शरीर में रक्त का प्रभाव तेज होने लगता

    है और मांसपेशियां सक्रिय होने लगती है, जिसके कारण मांसपेशियों का कड़ापन कम होने लगता है।

    16 से 30 मिनट तक

    इस स्थिति में हार्ट रेट में अधिक वृद्धि होती है और रक्त का दबाव भी अधिक होने लगता हैं। हार्ट रेट 90 से 120 तक पहुंच जाती है और 06 कैलोरी प्रति मिनट बर्न होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा के तापमान में वृद्धि के साथ पसीना आने लगता है और शरीर में लैक्टिक अम्ल में वृद्धि होने लगती है। इस स्थिति में शरीर ऊर्जा की प्राप्ति

    के लिए पहले कार्बोहाइड्रेट्स का प्रयोग करता है फिर उसके बाद में वसा का।

    31 से 45 मिनट तक

    अब शरीर के तापमान के साथ हार्ट रेट में भी बहुत अधिक वृद्धि होने से लैक्टिक अम्ल शरीर में उच्च स्थिति तक पहुंच चुका होता है। इसके परिणामस्वरूप हमें थकान लगने लगती है, लेकिन विशिष्ट शारीरिक परिवर्तनों

    के कारण हम कुछ देर बाद आराम की स्थिति में आ जाते हैं और शरीर कार्बोहाइड्रेट के बाद वसा का उपयोग ऊर्जा के लिए करने लगता है। यह स्थिति मोटापे और डाइबिटीज के रोगियों के लिए वरदान है। इसके बावजूद कैलोरी के गिरने का स्तर बढ़ता ही जाता है।

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    से 60 मिनट तक

    इस समय तक शरीर की स्वचालित प्रणाली (आटो मोड) में आ चुकी होती है। हार्ट रेट और शरीर के तापमान में पहले की तुलना में कमी आ जाती है। नतीजतन, हमें सांस लेने में पहले की तुलना में आराम रहता है। इस समय शरीर में इंडोर्फिन्स सरीखे फीलगुड हार्मोन का स्तर बढ़ने से भी आराम का अहसास होता है। इस

    तरह से हम 60 मिनट में लगभग 360 से 380 कैलोरी बर्न कर सकते हैं।

    पैदल चलें हड्डियां रहेंगी मजबूत

    रहें हमेशा फिट