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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अल्‍लाह मेघ दे पानी दे... झुर्रियों भरे हाथों की है यही मांग

By Monika minalEdited By:
Updated: Sat, 18 Jun 2016 04:07 PM (IST)

मंदिर के प्रांगण में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक एथलीट रह चुके जयसिंह यादव प्रतिदिन भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि बुंदेलखंड को अच्‍छा मानसून दे, अच्‍छी बारिश हो।

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भोपाल। सूखाग्रस्त टीकमगढ़ में 90 वर्षीय बुजुर्ग पिछले दो सालों से अच्छी बारिश की बाट जोह रहा है। दोपहरी की कड़ी धूप में वह प्रतिदिन सिर पर सफेद पगड़ी पहने कमजोर और झुर्रियों से भरे अपने हाथों को जोड़ भगवान के आगे प्रार्थना करते हैं कि ‘बुंदेलखंड को अच्छा मानसून मिले’।

पूर्व एथलीट जयसिंह यादव मंदिर के प्रांगण में खुले आसमां के नीचे प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अच्छे बारिश के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं। सिर पर सफेद पगड़ी पहने जयसिंह उम्र के नब्बे बसंत पार कर चुके हैं और ये बस भगवान से लड़कियों की भलाई और अच्छी बारिश की मांग करते हैं।

दाउ साहब के नाम से प्रसिद्ध जय सिंह ने फोन पर कहा, ‘मैंने बच्ची के लिए प्रार्थना शुरू किया था लेकिन बाद में महसूस हुआ कि बुंदेलखंड का पूरा क्षेत्र पिछले तीन सालों से पानी के लिए तरस रहा है। तब मैंने अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना शुरू की।‘

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हंसते हुए 90 वर्षीय दाउ साहब कहते हैं, ’मुझे अभी तीन घंटे बारिश में बैठने का आनंद लेना है। लेकिन सच्चाई यह है कि प्रार्थना के दौरान मुझे भूख-प्यास नहीं लगती और ऐसा लगता है मानो मेरे सिर के ऊपर मेरी रक्षा के लिए किसी ने छतरी पकड़ रखी है।‘

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