यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अंतरजातीय विवाह से मिटेगा जातिवाद: अठावले
अठावले ने गुरुवार को कहा कि सिर्फ कानून ही दलितों के खिलाफ होने वाले अपराध पर रोक नहीं लगा सकता। हम सबको मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए।

नई दिल्ली, प्रेट्र। नवनियुक्त केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने गुजरात में दलित युवकों के साथ हुई मारपीट की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मंत्री ने इसी संबंध में जातिवाद के खात्मे के लिए अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित किए जाने की बात भी कही।
अठावले ने गुरुवार को कहा कि सिर्फ कानून ही दलितों के खिलाफ होने वाले अपराध पर रोक नहीं लगा सकता। हम सबको मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए। घटनाओं का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। मेरा मानना है कि जब तक समाज नहीं बदलेगा, अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहित नहीं किए जाएंगे, तब तक जातिवाद नहीं मिट सकता।
समाज के दोनों पक्षों को साथ लाने के लिए कदम उठाने होंगे। गुजरात की घटना पर अठावले ने कहा, 'ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। दलितों को संदेश जाना चाहिए कि वे भी देश का हिस्सा हैं। गौरक्षा जरूरी है लेकिन इंसानों को कौन बचाएगा? इस तरह से किसी पर भी हमला करना सही नहीं है। इसलिए मैं सभी से अपील करना चाहूंगा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने हम सबको संविधान दिया है, जो सामाजिक और आर्थिक समानता सुनिश्चित करता है।
हमें उसके हिसाब से काम करना चाहिए।' अठावले ने कहा कि कोई सरकार ऐसी नहीं है जिसके राज में अपराध नहीं होते, लेकिन सरकारों को दोषी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि गुजरात के ऊना में कुछ दिन पहले मृत गाय की खाल उतार रहे दलित युवकों को कुछ लोगों ने बेरहमी से पीटा था। तब से इस मामले को लेकर दलितों में रोष है। राज्य में इसके खिलाफ व्यापक प्रदर्शन भी हुए हैं।

