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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कौन है हेडली की मदद करने वाला लश्कर का साजिद मीर ?

By anand rajEdited By:
Updated: Mon, 08 Feb 2016 01:16 PM (IST)

हेडली ने बताया कि मीर सेटेलाइट फोन का इस्‍तेमाल करता है और उसे कम्‍प्‍यूटर व साइबर वर्ल्‍ड की अच्‍छी जानकारी है।

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नई दिल्ली। लश्कर ए तोइबा के आतंकी और पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली ने सोमवार को आतंकी संगठन के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि साजिद मीर ने उसकी मदद की, वही उसका कॉन्टेक्ट पर्सन था।

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डिपोर्ट किए जाने से पहले मुंबई कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हेडली ने अपनी स्वीकारोक्ित में यह बात कही। उसका यह बयान मुंबई में नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका पर उंगली उठाने के लिए अहम है।

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साजिद मीर लश्कर का विदेशी भर्ती करने वाला सदस्य है। वह लश्कर का प्रमुख सदस्य है, जो संगठन के लिए आतंकी शिचिरों को आयोजित करता है। इंटरपोल के अनुसार, मीर 38 साल का पाकिस्तानी मूल का नागरिक है, जो आपराधिक षड्यंत्रों, आतंकवाद और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का दोषी है।

हेडली ने बताया कि मीर ने उसे भारत में एक ऑफिस सेट करने के लिए कहा था। इसका मकसद भारत में एक ठिकाना तैयार करना था। हेडली ने भारत में अपना बिजनेस स्थापित करने के लिए पांच साल का वीजा लिया था। मीर की मौजूदा लोकेशन पाकिस्तान के मुरीदके में बताई जा रही है।

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वर्तमान में वह कराची के एक प्रोजेक्ट में शामिल हैं, जिसके तहत भारत में आतंकी हमले करने के लिए कई आतंकी संगठनों ने हाथ मिलाए हैं। हेडली ने एनआईए को 2010 में बताया था कि उसने मीर को पहली बार लाहौर हाई कोर्ट के सामने देखा था। उस वक्त वह जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद के किसी मामले के सिलसिले में वहां गए थे।

लश्कर के एक रमजान ने साजिद का असली नाम से परिचय हेडली से कराया था। लश्कर के शुरुआती सदस्यों में से एक मीर था। वह पहले लश्कर की लाहौर यूनिट का प्रमुख हुआ करता था। हेडली ने बताया कि मीर के पास अलग-अलग नामों से कई पासपोर्ट हैं। एक पासपोर्ट इसाई जाति मसीह के नाम से भी है। वह दुबई, कतर, सीरिया जा चुका है और उसने थाईलैंड में भी अपना ठिकाने बनाने की कोशिश की।

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हेडली ने बताया कि मीर सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करता है और उसे कम्प्यूटर व साइबर वर्ल्ड की अच्छी जानकारी है। वह ई-मेल आईडी को हैंडल करने में विशेष सावधानी बरतता है। वह बेहद चतुर और सक्षम हैंडलर है। वह हमेशा इस बात का ख्याल रहता है कि मेरी गतिविधियों के बारे में किसी दूसरे हैंडलर को पता चले।

मीर ने एक प्लास्टिक सर्जरी भी कराई है। हालांकि, इसके बाद भी उसके चेहरे में कोई बहुत अधिक फर्क नहीं आया है। मीर को एक बार दुबई में गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन लश्कर के अपने संबंधों के कारण उसे छोड़ दिया गया था।