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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले चाहते हैं 75 फीसद तक आरक्षण सीमा

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Wed, 31 Aug 2016 08:30 AM (IST)

सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 फीसदी तक बढ़ाया जाए।

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नई दिल्ली, प्रेट्र : केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 फीसद तक बढ़ाने की पैरवी की है। उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 फीसद आरक्षण दिया जाना चाहिए।

सामाजिक न्याय राज्यमंत्री अठावले ने कहा, 'आरक्षण को लेकर विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने को मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने वाला हूं। हम सभी राजनीतिक दलों से भी चर्चा करेंगे और संविधान में संशोधन की संभावना तलाशेंगे।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भले ही कुछ लोग विरोध करते हों, लेकिन आरक्षण को कभी खत्म नहीं किया जा सकता।

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उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा से हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं। चाहे वो गुजरात के पटेल हों, महाराष्ट्र के मराठा व ब्राह्माण या हरियाणा के जाट। इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसद से बढ़ाकर 75 फीसद करना होगा।' अठावले ने एससी, एसटी और ओबीसी को प्रदत्त वर्तमान आरक्षण में कोई बदलाव न करने की बात कही।

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआइ-ए) और भाजपा के बीच गठबंधन की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि आरपीआइ राज्य के चौथाई दलित वोट हासिल करने की कोशिश में है। भाजपा और आरपीआइ अगर मिलकर लड़ें तो राज्य में उनकी अगली सरकार सुनिश्चित होगी।

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