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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सोशल मीडिया के उपयोग से खत्‍म हो रहा है युवाओं में आत्‍मविश्‍वास

    By Abhishek Pratap SinghEdited By:
    Updated: Fri, 13 May 2016 02:11 PM (IST)

    ज्‍यादातार ऐसे युवा अपनी बॉडी इमेज को लेकर संघर्ष करते नजर आते हैं। यह जानकारी एक नए अध्‍ययन में सामने आई है। ...और पढ़ें

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    लंदन। जो युवा सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे फेसबुक और टि्वटर आदि पर अधिक समय बिताते हैं, उनमें आत्मविश्वास कम होता है। ज्यादातार ऐसे युवा अपनी बॉडी इमेज को लेकर संघर्ष करते नजर आते हैं। यह जानकारी एक नए अध्ययन में सामने आई है।

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    अध्ययन में कहा गया है कि सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों में ईटिंग डिसऑर्डर यानी खाने-पीने से संबंधित बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया का उपयोग सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार होता है।

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    पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि जिन लोगों में यह स्थिति पहले से होती है, वे सोशल मीडिया के उपयोग के बाद इसमें जुड़े लोगों के अनुभवों से खुद को जोड़ने लगते हैं। यह निष्कर्ष सभी युवाओं पर समान रूप से लागू होता है। इसमें उनके लिंग, जाति, आय या उम्र का कोई असर नहीं पड़ता।

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    यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सर्ब के स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने 2014 में अमेरिका में 19 से 32 साल के 1,765 युवाओं से सोशल मीडिया में उनके उपयोग करने पर सवाल जवाब किए। सवालों में उस वक्त के 11 प्रमुख लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, यू-ट्यूब, टि्वटर, गूगल प्लस, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, रेडिट, टम्बलर, पिंटरेस्ट, वाइन और लिंक्डइन को शामिल किया गया था।

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    अध्ययन में पाया गया कि दिन में सोशल मीडिया का अधिक उपयोग करने वाले लोगों में बॉडी इमेज और ईटिंग डिसऑर्डर का जोखिम आम लोगों की तुलना में 2.2 गुना अधिक था। वहीं, सोशल मीडिया में दिनभर लगातार रिस्पॉन्ड्स चेज करने वाले लोगों में यह जोखिम 2.6 गुना अधिक था।

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