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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यहां पांच दिनों के लिये पति-पत्नी बन जाते हैं अजनबी, लेकिन क्यों

By Babita KashyapEdited By:
Updated: Sat, 24 Dec 2016 10:43 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश में कुल्लू में पीणी गांव में एक अजीबोगरीब परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। यहां हर वर्ष अगस्त माह में पांच दिन तक काला माह मनाया जाता है।

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भले ही हमारा देश प्रगति की राह पर आगे बढ़ता जा रहा है लेकिन आज भी ऐसे बहुत से गांव और पिछड़े इलाके हैं जो रूढि़वादी परंपराओं की जंजीरों में जकड़े हुए हैं। इन परंपराओं को निभाने के लिए ये लोग कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। कुछ ऐसे ही परंपरा निभायी जाती है हिमाचल के इस गांव में।

आपको जानकार हैरानी होगी कि हिमाचल प्रदेश में कुल्लू में पीणी गांव में एक अजीबोगरीब परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। यहां हर वर्ष अगस्त माह में पांच दिन तक काला माह मनाया जाता है। इन दिनों में पति-पत्नी एक दूसरे से हंसी-मजाक भी नहीं करते। बिल्कुल अनजानों की तरह एक दूसरे से व्यवहार करते हैं। इतना ही नहीं आपको बता दें कि इस गांव में परंपराओं केनाम पर महिलाएं पांच दिनों तक काफी बारीक कपड़े पहनती हैं।

ये परंपरा पूर्वजों के समय से ही निभायी जा रही है। ऐसी मान्यता है कि अगर कोई महिला इस परंपरा का पालन नहीं करती है तो उसके घर कुछ अशुभ हो सकता है।

लोगों का मानना है कि लाहुआ घोंड देवता जब पीणी पहुंचे थे तो उस दौरान राक्षसों का आतंक था। भादो संक्रांति को यहां काला माह कहा जाता है और इस दिन देवता ने पीणी में पांव रखते ही राक्षसों का नाश किया था। कहा जाता है कि देवता के इस गांव में पांव रखने के बाद से ही इस देव परंपरा की शुरूआत हो गई, जो आज भी कायम है।

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