यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत आया 'फ्री लैंग्वेज लर्निग एप'!
नई भाषा सीखना कौन नहीं चाहता पर उसके लिए कीमती समय और साथ ही जेब भी ढीली करनी होगी। पर अब ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं क्योंकि आपके लिए बिल्कुल मुफ ...और पढ़ें

नई दिल्ली। नई भाषा सीखना कौन नहीं चाहता पर उसके लिए कीमती समय और साथ ही जेब भी ढीली करनी होगी। पर अब ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं क्योंकि आपके लिए बिल्कुल मुफ्त एक नया एप है जो आपको नयी भाषाएं सिखाएगा। जी हां, लैंग्वेज लर्निग एप डुओलिंगो विश्व में काफी लोकप्रिय है और अब यह भारत में भी लांच किया गया है ताकि यहां के लोग भी इसका फायदा उठा सकें।
लोकप्रिय लैंग्वेज लर्निग सर्विस डुओलिंगो अपने लेटेस्ट अपडेट को लेकर आइओएस एप पर मौजूद है। वर्जन 4.0 में कई सारे नये फीचर्स हैं पर सबसे महत्वपूर्ण बात है कि यह अब एशिया में उपलब्ध है।
एप ने अपने आइओएस वर्जन पर नये अपडेट डालते हुए कई नई भाषाएं जोड़ी हैं इसमें जापानी, चीनी व हिंदी यूजर्स के लिए सुविधाएं है। नये वर्जन में हिंदी स्पीकर्स के लिए इंग्लिश, रूसी स्पीकर्स के लिए जर्मन और जर्मन स्पीकर्स के लिए फ्रेंच भाषा उपलब्ध करायी गयी है।
यह ट्रांसलेशन एप नहीं है, बल्कि इसकी मदद से आप नई भाषा सीख सकते हैं। फोटो की मदद से सीखना मजेदार है, सही उच्चारण किया जाए, इसलिए ऑडियो हेल्प भी है। और सबसे मजेदार बात कि यह एप बिल्कुल मुफ्त है।
डुओलिंगो 2011 में पहली बार लांच हुआ। कंपनी के अनुसार पूरी दुनिया में इसके 28 मिलियन यूजर्स हैं और आइओएस डिवाइस पर यह 17 मिलियन बार और एंड्रायड डिवाइस पर 15 मिलियन बार डाउनलोड किया गया।
34 वर्षीय कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर लुईस वोन ह्वान के द्वारा बनायी गयी इस अपडेटेड एप को आप आइओएस प्लेटफार्म पर एप स्टोर से ले सकते हैं। एंड्रायड व वेब यूजर्स को इस अपडेटेड वर्जन के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
वर्ष 2013 में इसे एपल एप ऑफ द ईयर चुना गया था।

