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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देवी मां के दर्शन को आई नवविाहिता के साथ वनकर्मी ने की ऐसी घिनौनी हरकत...

    By sunil negiEdited By:
    Updated: Mon, 23 May 2016 10:32 AM (IST)

    चंपावत जिले के टनकपुर में एक वन रक्षक ने अपनी करतूत से वन विभाग को कलंकित कर दिया है। आरोपी वन रक्षक ने मदद के नाम पर एक नवविवाहिता से दुष्‍कर्म किया। ...और पढ़ें

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    टनकपुर (चम्पावत), जेएनएन। एक वन रक्षक ने अपनी कृत्य से उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र को कलंकित करने का कार्य किया है। उसने मदद के बहाने मां के दर्शनों को आई एक नवविवाहिता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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    उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के थाना खुटार क्षेत्र से एक नवविवाहित जोड़ा परिजनों के साथ बीती शाम को मां पूर्णागिरि के दर्शनों को आया था। शाम को वह ठूलीगाड़ क्षेत्र में परिजनों से बिछुड़ गया। नव दंपती पैदल ही भैरो मंदिर की ओर चल दिए। काफी खोजबीन करने के बाद भी परिजनों से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। दोनों काफी थक गए थे और सेलागाड़ में वन विभाग की चौकी के सामने बैठ कर रोने लगे।


    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तभी वन विभाग की चौकी से एक व्यक्ति उनके पास आया। रोने का कारण पूछने पर उसे परिजनों से बिछुड़ने की बात बताई। उसने कहा कि दोनों अभी चौकी में बने उसके कमरे में आराम कर लो। सुबह पुलिस से एनाउंसमेंट करा कर परिजनों से मिलवा देगा। जिस पर पति-पत्नी कमरे में सो गए।

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    पीड़िता का आरोप है कि रात साढ़े 12 बजे चौकी पर तैनात वन विभाग के कर्मचारी ने उसका मुंह दबा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए और वन कर्मी को पकड़ कर पुलिस चौकी पहुंचाया। कोतवाल बीसी शर्मा ने बताया कि आरोपी वन रक्षक है। उसका नाम अमर सिंह (52 वर्ष) है और वह ग्राम मिरोली थाना लमगड़ा (अल्मोड़ा) का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पीड़िता व आरोपी का मेडिकल कराया जा रहा है। बताया जाता है कि अमर सिंह वन विभाग में वर्षों तक श्रमिक के पद पर कार्यरत रहा। वर्ष 2010 में पदोन्नति पाकर वन रक्षक बना है।

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