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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विरोध जारी, सड़क पर ही सो रहे हैं आंदोलनरत अतिथि शिक्षक

    By BhanuEdited By:
    Updated: Fri, 09 Dec 2016 03:00 AM (IST)

    तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों का सचिवालय पर धरना जारी है। आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों ने तीन रात सड़क पर सोकर ही गुजार दी। ...और पढ़ें

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    देहरादून, [जेएनएन]: तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों ने तीन रात सड़क पर सोकर ही गुजार दी। सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठे शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रखा जाएगा।
    अतिथि शिक्षक पिछले 34 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इसके तहत 13 दिन से कुछ शिक्षक आमरण अनशन पर बैठे हैं। अब सचिवालय के समक्ष उनके धरने का आज चौथा दिन है। यानी तीन रात उन्होंने सड़क पर ही सोकर गुजारी।

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    आंदोलन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अतिथि शिक्षकों से अनुबंध को समाप्त कर दिया। इससे उनमें सरकार के प्रति खासा गुस्सा देखने को मिला। उन्होंने कहा कि सरकर ने उन्हें हटाने का आदेश जारी किया है, जो कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कोर्ट ने 31 मार्च तक सेवा में रहने का आदेश दिया है।

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    संघ के कार्यकारी अध्यक्ष ललित डंगवाल ने कहा कि जब तक तदर्थ नियुक्ति के आदेश नहीं होते आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक शिक्षक गाँधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। यदि सरकार नहीं मानी तो शिक्षक प्रदेश को हरियाणा बनाने से भी नहीं चूकेंगे।

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    उन्होंने कहा कि मांग पर ध्यान देने के बजाय शिक्षा मंत्री नौकरी से हटाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री राष्ट्रपति शासन के समय हमारे साथ सोए और आज सत्ता में होने के बाद भी हमारे भविष्य के लिए कोई रास्ता निकालने को तैयार नही हैं।
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