यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाईकोर्ट ने सहकारी बैंक में नोट जमा न होने पर केंद्र से मांगा जवाब
जिला सहकारी बैंकों में 500 और एक हजार के नोट जमा करने की केंद्र सरकार की पाबंदी के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से ...और पढ़ें

नैनीताल, [जेएनएन]: जिला सहकारी बैंकों में 500 और एक हजार के नोट जमा करने की केंद्र सरकार की पाबंदी का मामला उत्तराखंड हाई कोर्ट पहुंच गया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को मंगलवार तक जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं।
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हल्द्वानी के अधिवक्ता नीरज तिवारी ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि सहकारी बैंकों में नोट जमा और निकासी नहीं होने से किसानों को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि इससे फसलों की बुआई तक प्रभावित हो गई है। किसान ऋण तक नहीं ले पा रहे हैं। केंद्र के इस फैसले से किसानों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया। साथ ही भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। याचिका में केंद्र को तत्काल आदेश वापस लेने का आदेश देने का आग्रह किया गया।
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