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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शाम ढलते ही इस मंदिर का रास्ता हो जाता है खतरनाक, जानने को क्लिक करें...

    By BhanuEdited By:
    Updated: Wed, 13 Jul 2016 09:13 AM (GMT+05:30)

    पिछले करीब दस दिनों से शाम होते ही सिद्धबली मंदिर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन हाथियों का एक झुंड उतर रहा है। इससे यह रास्ता रात के समय खतरे ...और पढ़ें

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    कोटद्वार, [जेएनएन]: शाम ढलने के बाद यदि आप कोटद्वार के सिद्धबली मंदिर की ओर घूमने जा रहे हैं, तो अगले कुछ दिनों के लिए इस कार्यक्रम को बदल दीजिए। कारण यह है कि इस मंदिर का रास्ता रात के समय खतरनाक साबित हो सकता है। आइए आपको बताते हैं कि रात को यहां किस तरह का खतरा है।
    पिछले करीब दस दिनों से शाम होते ही सिद्धबली मंदिर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन हाथियों का एक झुंड उतर रहा है। दस हाथियों वाले इस झुंड में एक शिशु हाथी भी शामिल है। इसकी सुरक्षा के चलते हाथियों का यह झुंड काफी आक्रामक नजर आ रहा है।

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    इस झुंड में शामिल हाथियों ने पिछले दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे वन विभाग के पार्क की दो दीवारों को भी तोड़ डाला। चार दिन पूर्व झुंड में शामिल एक हाथी ने श्री सिद्धबली मंदिर में रह रहे एक साधु पर भी हमला करने का प्रयास किया। इस साधु ने किसी तरह खुद की जान बचाई।

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    इतना ही नहीं, पिछले कुछ दिनों से हाथियों का यह झुंड वन विभाग के आवासीय परिसर में घुस रहा है। इससे कॉलोनीवासियों में भी भय का माहौल है।

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    प्रभागीय वनाधिकारी नीतीशमणि त्रिपाठी ने बताया कि भारी उमस के कारण हाथी जंगल से बाहर खुले स्थान की ओर आ रहे हैं। तिलवाढांग चौकी के आसपास हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से भी रात के वक्त इस क्षेत्र में न जाने का आग्रह किया है।

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