विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आपकी आभा और सुंदरता में चार चांद लगा देंगे चांदी के साथ पहने जाने वाले ये 5 रत्न

Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:20 PM (GMT+05:30)

ज्योतिष और रत्न शास्त्र में चांदी को एक पवित्र धातु माना गया है, जिसका संबंध शुक्र और चंद्रमा से है। चांदी के साथ फिरोजा, नीलम, गार्नेट, मूनस्टोन और म ...और पढ़ें

चांदी के साथ कौन-सा रत्न पहनना शुभ (Picture Credits- AI Image)

चांदी के साथ कौन-सा रत्न पहनना शुभ (Picture Credits- AI Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष और रत्न शास्त्र में चांदी को बेहद खास और परिष्कृत धातु माना जाता है, जो कई रत्नों क साथ खूबसूरती से मेल खाता है। चांदी में शीतलता के गुण होते हैं और इसकी चमक भी अन्य धातुओं की तुलना में काफी मनमोहक होती है।

रत्न शास्त्र में बताया गया है कि, चांदी को बेहतरीन रत्न के साथ पहनने से आपकी समग्र उपस्थिति और आभा में निखार देखने को मिलता है। चांदी को काफी शुद्ध और पवित्र धातुओं में गिना जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चांदी का संबंध शुक्र और चंद्रमा ग्रह से होता है। आइए जानते हैं चांदी के साथ कौन-सा रत्न धारण करना शुभ माना जाता है?

चांदी और फिरोजा

चांदी के साथ फिरोजा पहनना शुभ माना जाता है। दरअसल फिरोजा मनुष्य जाति द्वारा खोजे गए सबसे प्राचीन रत्नों में शामिल है और आज भी चांदी से बने आभूषणों में सबसे ज्यादा इसी रत्न को तरजीह दी जाती है।

फिरोजा को शांति, सद्भाव और सुरक्षा का भी प्रतीक माना जाता है। यह रत्न नीला, हरा रंग जो चांदी के परावर्तक गुण के साथ मिलकर सहजता और असीम सुंदर दिखता है। ऐसे लोग जो स्वतंत्र विचार रखते हैं, उन्हें यह चांदी के साथ यह रत्न अवश्य पहनना चाहिए।

खबरें और भी

चांदी और नीलम

नीलम जो बैंगनी और जामुनी रंग का दिखाई देता है, मन को शांत और आध्यात्मिकता का एहसास दिलाता है। दोनों का मेल शांति, संतुलन और संयम का अनुभव प्रदान करता है।

चांदी की शीतलता नीलम की ऊर्जा को सक्रिय करने में मदद करती है। चांदी और नीलम का रत्न दयालु, चिंतनशील व्यक्ति जो शांति की खोल में हैं उन्हें जरूर धारण करना चाहिए।

यह भी पढ़ें- चमकती किस्मत को भी ग्रहण लगा सकता है गलत फैसला, जानिए किन राशि वालों को नहीं पहनना चाहिए मूंगा रत्न?

चांदी और गार्नेट

लाग गार्नेट की ऊर्जा उग्र होती है। जब इसे चांदी के साथ पहना जाता है, तो चांदी गार्नेट की चमक को कम करते हुए उसकी गर्माहट को बरकरार रखती है। चांदी और गार्नेट का संयोजन ऐसे व्यक्ति के लिए उपयुक्त है, जो आत्मविश्वास और शालीनता से भरा हो। गार्नेट को चांदी जड़े हुए कंगन के साथ पहनना शुभ माना जाा है।

चांदी और मूनस्टोन

रत्न शास्त्र के अनुसार, मूनस्टोन और चांदी एक-दूसरे के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। एक पवित्र मिलन जिसमें दोनें की ही ऊर्जा चंद्र, स्त्री ऊर्जा और भावनात्मक अंतर्ज्ञान से जुड़े हैं। मूनस्टोन की कोमल चमक चांदी में इतनी खूबसूरती से घूल मिल जाती है कि, एक अलौकिक, दिव्य अनुभूति ऊर्जा को उत्पन्न करती है।

चांदी और मोइसेनाइट

चांदी के साथ मोइसेनाइट सुंदरता विलासिता और परिष्कार का प्रतीक है। हीरे की ही तरह श्रेष्ठता, स्पष्टता और चमक के साथ मोइसेनाइट अपनी शानदार चमक और आधुनिक लालित्य के जरिए से आंतरिक शक्ति का प्रतीक है।

चांदी के साथ मोइसेनाइट से एक खास पवित्रता झलकती है, जो आधुनिक और पारंपरिक दोनों नजरिए से सुंदर दिखती है। इसे पहनने आत्मविश्वास में वृद्धि महसूस होती है।

यह भी पढ़ें- करियर और व्यापार में मिलेगी अपार सफलता, मूलांक 1 वाले आज ही पहनें माणिक्य रत्न, पढ़ें नियम

यह भी पढ़ें- केतु के दुष्प्रभाव से तबाह हो रहा है जीवन? तो आज ही पहनें ये चमत्कारी रत्न, चमक जाएगी किस्मत

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।