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    केतु के दुष्प्रभाव से तबाह हो रहा है जीवन? तो आज ही पहनें ये चमत्कारी रत्न, चमक जाएगी किस्मत

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 04:00 PM (IST)

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए लहसुनिया रत्न धारण करना लाभकारी माना जाता है। यह रत्न मानसिक तनाव, धन हान ...और पढ़ें

    लहसुनिया रत्न से दूर होगा केतु का दुष्प्रभाव (Picture Credit: AI Generated)

    लहसुनिया रत्न से दूर होगा केतु का दुष्प्रभाव (Picture Credit: AI Generated) 

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में केतु को छाया ग्रह माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में केतु कमजोर स्थिति में होता है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही काम में बाधा आ सकती है। इसलिए कहा जाता है कि केतु दोष को दूर करने के लिए विशेष उपाय जरूर करें।

    कुंडली में केतु की अशुभ स्थिति को मजबूत करने के लिए रत्न शास्त्र में एक रत्न को लाभकारी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस रत्न को धारण करने से केतु का अशुभ प्रभाव दूर होता है। साथ ही जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि आखिर वो कौन सा रत्न है, जो केतु के दुष्प्रभावों को शांत करने के लाभकारी माना जाता है।

    Cat's Eye Gemstone (1)

    (Picture Credit: AI Generated) 

    केतु के लिए कौन सा रत्न है शुभ?

    ज्योतिष शास्त्र में केतु को क्रूर ग्रह माना गया है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु अशुभ स्थिति में है, तो ऐसे में लहसुनिया रत्न जरूर धारण करें। ऐसा माना जाता है कि इस रत्न को पहनने से मानसिक तनाव, धन हानि और जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। इस रत्न को धारण करने से पहले आप किसी ज्योतिष की भी सलाह ले सकते हैं।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • लहसुनिया रत्न को चांदी या फिर पंचधातु की अंगूठी में धारण करना शुभ माना जाता है।
    • लहसुनिया रत्न को शनिवार के दिन पहनना चाहिए।
    • रत्न को धारण करने से पहले साफ जल से शुद्ध कर लें।
    • पहनते समय केतु के बीज मंत्र "ॐ कें केतवे नमः" का सच्चे मन से जप करें।

    केतु दोष के लक्षण

    • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में केतु कमजोर होने से काम में सफलता नहीं मिलती।
    • इसके अलावा मानसिक तनाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। साथ ही सही फैसले लेने में कठिनाई आती है।
    • सेहत से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
    • करियर और कारोबार में सफलता प्राप्त नहीं होती।
    • किसी काम में ध्यान न लगना।

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    लहसुनिया रत्न धारण करने के लाभ

    • ऐसा माना जाता है कि लहसुनिया रत्न धारण करने से केतु का नकारात्मक प्रभाव दूर होता है।
    • काम में आ रही बाधा दूर होती है।
    • करियर और व्यापार में तरक्की होती है।
    • धन लाभ के योग बनते हैं।
    • निवेश से लाभ मिलता है।
    • मानसिक तनाव दूर होता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।