नीलम रत्न: राजा को रंक और रंक को राजा बनाने की ताकत, पर क्या यह आपके लिए है?
नीलम शनि देव का प्रिय रत्न है और अपनी शक्ति के लिए जाना जाता है। आइए इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं। ...और पढ़ें

Blue Sapphire: नीलम पहनने के सही नियम। AI Generated image
HighLights
नीलम शुभ होने पर 24 घंटे के अंदर असर दिखाता है
यह शनि दोष की पीड़ा को शांत करने में मदद करता है
यह शनि देव का प्रिय रत्न है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रत्न शास्त्र में नीलम को सबसे अधिक प्रभावशाली और तुरंत फल देने वाला माना गया है। शनि ग्रह का यह रत्न अनुकूल हो तो व्यक्ति को रातों-रात बुलंदियों पर पहुंचा सकता है,
लेकिन अगर सूट न करे, तो जीवन में उथल-पुथल भी ला सकता है। इसलिए नीलम धारण करने से पहले इसके कठिन नियमों को समझना जरूरी है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में इससे जुड़े नियमों को जानते हैं।

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नीलम पहनने के लाभ
- आर्थिक फायदा - नीलम धारण करने से करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और धन आगमन के नए स्रोत खुलते हैं।
- मानसिक स्पष्टता - यह निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है और एकाग्रता में सुधार करता है।
- सेहत - हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में नीलम लाभकारी हो सकता है।
- सुरक्षा - यह जातक को बुरी नजर और शत्रुओं से बचाता है।
नीलम धारण करने के नियम
- बिना किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के नीलम न पहनें।
- वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न वालों के लिए यह अक्सर शुभ होता है।
- इसे शनिवार के दिन, शनि की होरा या पुष्य नक्षत्र में धारण करना चाहिए।
- धारण करने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें।
ऐसा भी कर सकते हैं
ऐसा कहते हैं कि नीलम हर किसी को सूट नहीं करता। इसे स्थायी रूप से धारण करने से पहले 3 से 5 दिनों तक अपने तकिए के नीचे या हाथ पर बांधकर रखें। अगर इन दिनों में आपको डरावने सपने आएं, सेहत बिगड़े या कोई अशुभ समाचार मिले, तो इसका मतलब है कि नीलम आपको सूट नहीं कर रहा है। ऐसी स्थिति में इसे तुरंत उतार देना चाहिए।
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