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    पुखराज और माणिक्य के चक्कर में न गंवाएं पैसा, ये 5 सस्ते उपरत्न पलट सकते हैं आपकी किस्मत

    Updated: Fri, 08 May 2026 11:07 AM (IST)

    उपरत्न, मुख्य रत्नों (नवग्रह रत्न) के सस्ते और प्रभावशाली विकल्प होते हैं, जिन्हें ज्योतिषीय दोषों को दूर करने के लिए धारण किया जाता है। ...और पढ़ें

    सस्ते उपरत्न से मिलते हैं कई फायदे (Picture Credit: Freepik)

    सस्ते उपरत्न से मिलते हैं कई फायदे (Picture Credit: Freepik) 

    HighLights

    1. उपरत्न मुख्य रत्नों के सस्ते और प्रभावी विकल्प हैं

    2. ग्रह दोष शांत कर सफलता और धन लाभ में सहायक

    3. धारण से पहले ज्योतिषीय सलाह लेना है जरूरी

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माणिक, नीलम और पुखराज जैसे महंगे रत्नों के विकल्प के रूप में उपरत्न भी ज्योतिषीय रूप से बेहद प्रभावशाली माने गए हैं, जो रत्नों के मुकाबले सस्ते भी होते हैं। ये रत्न सस्ते होने के साथ-साथ प्राकृतिक भी हैं, जो ग्रह दोष शांत कर सफलता, स्वास्थ्य और धन लाभ में मददगार साबित होते हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में।

    क्या होते हैं उपरत्न

    ज्योतिष शास्त्र में कुल 84 रत्नों का उल्लेख मिलता है, जिसमें से नवरत्न यानी माणिक, हीरा, नीलम, पन्ना, लाल मूंगा, मोती, गोमेद, पुखराज और लहसुनिया मुख्य रत्न माने गए हैं। उपरत्न मुख्य रत्नों की तुलना में कम कठोर, कम पारदर्शी और सस्ते होते हैं, लेकिन सही ग्रह के लिए पहने जाने पर समान रूप से लाभ प्रदान करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इन्हें नवरत्नों का विकल्प (उपरत्न) माना गया है -

    1. माणिक्य -  गार्नेट (तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए)
    2. मोती - मूनस्टोन (मानसिक शांति और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि के लिए)
    3. मूंगा - लाल हकीक (आत्मविश्वास, शारीरिक ऊर्जा और साहस बढ़ाने के लिए)
    4. पन्ना - ओनेक्स (onyx) ( बुद्धि, व्यापार और संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए)
    5. पुखराज - सुनैला (शिक्षा, करियर, और भाग्य में वृद्धि के लिए)
    6. नीलम - नीलमणि, नीला ओपल (शनि को मजबूत करने के लिए)
    7. हीरा - वाइट ओपल (White Opal) (शुक्र को मजबूत करने और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए)
    8. गोमेद - गार्नेट (आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने के लिए)
    9. लहसुनिया - लाजवृत (बाधाओं को दूर करने और आध्यात्मिक विकास के लिए)
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    उपरत्न क्यों हैं फायदेमंद?

    • उपरत्न ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए ये रत्नों की तुलना में काफी सस्ते होते हैं।
    • कुंडली में प्रतिकूल ग्रहों के प्रभाव को कम करने के लिए इन्हें धारण किया जा सकता है।
    • यदि सही तरीके से धारण किया जाए, तो उपरत्न उतने ही प्रभावी होते हैं जितना कि एक महंगा रत्न।
    • उपरत्न मानसिक तनाव को कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
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    (Picture Credit- AI Generated)

    खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

    • उपरत्नों को भी धारण करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिष की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
    • धारण करने से पहले उपरत्न को गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करना चाहिए।
    • उपरत्न खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वे असली और शुद्ध हों, तभी ये ज्योतिषीय लाभ देते हैं।
    • उपरत्न का बिना दरार का होना बहुत जरूरी है, तभी ये असर करते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।