करियर में सफलता दिला सकता है ये हरे रंग का पत्थर, बस जान लें पहनने का सही तरीका
ज्योतिष शास्त्र में पन्ना रत्न का महत्व और बुध ग्रह से इसके संबंध को बताया गया है। यह रत्न करियर, व्यापार, वाणी और बुद्धि में लाभ के साथ-साथ इसे धारण ...और पढ़ें

इस विधि से धारण करें पन्ना रत्न (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
व्यापार और करियर में तरक्की दिलाता है पन्ना
बुध ग्रह से संबंंधित माना जाता है पन्ना रत्न
धारण से पहले ज्योतिषी की सलाह लेना है जरूरी
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का काफी महत्व बताया गया है। व्यक्ति की कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार, हर रत्न का प्रभाव अलग-अलग होता है। आज हम बात कर रहे हैं 'पन्ना' (Emerald) की, जिसे ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह का रत्न माना जाता है। बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक है। ऐसे में चलिए जानते हैं पन्ना धारण करने के कुछ जरूरी नियम।
पन्ना रत्न धारण करने के 5 बड़े फायदे
- पन्ना को 'व्यापारियों का रत्न' भी कहा जाता है। इसे पहनने से व्यापार में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं। साथ ही तरक्की के रास्ते भी खुलते हैं।
- ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि यह रत्न व्यक्ति की सीखने की क्षमता को भी तेज करता है। ऐसे में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं (Researchers) के लिए पन्ना धारण करना बेहद लाभकारी माना जाता है।
- बुध वाणी के स्वामी हैं, इसलिए पन्ना पहनने से व्यक्ति के बोलने की कला में निखार आता है। यह रत्न वकीलों, शिक्षकों और पत्रकारों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।
- पन्ना रत्न सृजनात्मक ऊर्जा को जगाने का काम करता है। ऐसे में कलाकार, लेखक और डिजाइनरों के लिए भी यह रत्न चमत्कारी है।
- पन्ना मुख्य रूप से मन को नियंत्रित और शांत रखने में मदद करता है। साथ ही धन संबंधी समस्याओं से भी आपको राहत दिला सकता है।
पन्ना पहनने के जरूरी नियम
रत्न शास्त्र के अनुसार वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए पन्ना धारण करना शुभ माना गया है। पन्ना पहनने के लिए शुक्ल पक्ष के बुधवार को सबसे उत्तम माना जाता है। आप इसे सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर हाथ की सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा (Pinky Finger) में पहन सकते हैं।
पहनने की विधि
अंगूठी पहनने से पहले इसे कच्चे दूध, गंगाजल और शहद के मिश्रण में कुछ देर के लिए डुबोकर रख दें ताकि रत्न पूरी तरह से शुद्ध हो जाए। इसके बाद अंगूठी को साफ जल से धोकर निकाल लें। भगवान विष्णु और बुध देव का ध्यान करते हुए "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्र का कम-से-कम 108 बार जप करें। मंत्र जाप के बाद पूरी श्रद्धा के साथ अंगूठी को धारण कर लें।

(Picture Credit- AI Generated)
बरतें ये सावधानी
कोई भी रत्न आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग प्रभाव डालता है। इसलिए पन्ना या कोई भी अन्य रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली का विश्लेषण जरूर करवाना चाहिए। बिना सलाह के रत्न पहनना आपके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है।
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