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मूलांक 1 से 9 तक के लिए कौन से मंत्र हैं सबसे ज्यादा शुभ? जिनके जाप से मिलती है सफलता

Updated: Sun, 26 Jul 2026 10:54 AM (GMT+05:30)

यह लेख मूलांक 1 से 9 तक के लिए शुभ मंत्रों और उनके संबंधित देवताओं के बारे में बताता है। इन मंत्रों के नियमित जाप से जीवन में सकारात्मकता, शांति और सफ ...और पढ़ें

मूलांक के अनुसार करें इन मंत्रों का जाप जीवन में आएगी खुशहाली (Picture Credit:AI Generated)

मूलांक के अनुसार करें इन मंत्रों का जाप जीवन में आएगी खुशहाली (Picture Credit:AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर मूलांक अपनी अलग ऊर्जा और कंपन लेकर आता है और सभी मूलांकों के अपने कोई न कोई ऐसे देवता होते हैं जिनका स्वामित्व इनके ऊपर होता है।

ऐसे में अगर आप सही मंत्रों का जाप अपने मूलांक के अनुसार करते हैं तो जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है। यही नहीं मंत्रों के जाप से सकारात्मक ऊर्जा भी आती है और मन को शांति मिलती है।

अंक ज्योतिष की मानें तो नंबरों में छिपी हुई ऊर्जाओं की चाबी होती है, मुख्य रूप से जब बात जन्म-तारीख की हो तो सभी के लिए कुछ न कुछ शुभ मंत्र जरूर होता है।

जन्म-तारीख के हर नंबर की अपनी एक खास ऊर्जा होती है और उसे सही मंत्र के साथ जोड़ने से सकारात्मकता, संतुलन और जीवन का मकसद मिल सकता है। आइए आपको बताते हैं सभी मूलांकों के लिए शुभ मंत्र कौन से हैं जिनके उच्चारण से जीवन में शुभता आती है। 

मूलांक-1

महत्वाकांक्षा और आजादी का प्रतीक माना जाने वाला मूलांक 1 हमेशा से ही सबसे आगे माना जाता है। इस मूलांक के स्वामी सूर्य हैं और यदि आप रोज सूर्य मंत्रों का जाप करें तो आपके जीवन में सकारात्मकता आ सकती है। यदि आप नियमित 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करेंगे तो आपको सदैव सफलता मिलेगी।

मुलांक-2

मुलांक-2 का स्वामी चंद्रमा को माना जाता है। अगर आप जीवन में उन्नति चाहते हैं तो नियमित रूप से चंद्रमा के विशेष मंत्र 'ॐ सों सोमाय नमः' का जाप करें। इस मंत्र के जाप से आपके जीवन में सदैव समृद्धि बनी रहेगी।

मूलांक-3

मूलांक 3 से स्वामी बृहस्पति गुरु को माना जाता है। अगर आप उन्हें खुश करना चाहते हैं और समृद्दि चाहते हैं, तो 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का नियमित जाप करें। मुख्य रूप से गुरूवार के दिन इस मंत्र का जाप आपको जरूर करना चाहिए।

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मूलांक-4

मूलांक 4 के स्वामी राहु हैं और अगर आप राहु हो प्रसन्न रखते हैं तो जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है। उनका मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' अत्यंत शुभ माना जाता है इसके जाप से जीवन की सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

मूलांक-5

मूलांक 5 के स्वामी बुध ग्रह को माना जाता है जिन्हें बुद्धि का कारक भी कहा जाता है। अगर आप उन्हें प्रसन्न करने के लिए 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' मंत्र का नियमित जाप करें तो जीवन में इसके सकारात्मक फल मिल सकते हैं।

मूलांक-6

यह एक ऐसा मूलांक माना जाता है जिसके स्वामी शुक्र हैं। यदि आप शुक्र को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय मंत्र 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' का जाप करेंगी तो आपके जीवन में सदैव शुभता बनी रहेगी।

मूलांक-7

इस मूलांक के स्वामी केतु को माना जाता है और इस मूलांक के लोगों को ऐसा कहा जाता है कि ये हमेशा दिल से सोचते हैं और इसी वजह से बहुत ज्यादा भावुक स्वभाव के होने एक साथ हमेशा दूसरों की मदद करते हैं। आप अगर रोज 'ॐ कें केतवे नमः' मंत्र का जाप करेंगे तो आपके जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।

मूलांक-8

इस मूलांक के लोगों के स्वामी शनि को माना जाता है और शनिदेव हमेशा से ही कर्मों के फल देते हैं। अगर आपका मूलांक 8 है तो आप शनि के मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र जा जाप करें। इससे आपके जीवन में सफलता के योग बनते हैं।

मूलांक-9

यह एक ऐसा मूलांक है जिसके स्वामी मंगल हैं और इन्हें उग्रह ग्रह माना जाता है। अगर आपका मूलांक 9 है तो आप 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र का जाप करें। इससे आपके जीवन में शुभ फल मिलते हैं।

अगर आपके मूलांक भी इनमें से हैं तो आपको यहां बताए मंत्रों का जाप करना चाहिए, जिससे जीवन में सफलता के योग बन सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।