बुढ़ापे की लाठी बनते हैं इन 3 मूलांक के बच्चे, माता-पिता के लिए कुछ भी करने को रहते हैं तैयार!
अंक शास्त्र के अनुसार, कुछ मूलांक वाले बच्चे अपने माता-पिता के लिए बुढ़ापे में सहारा बनते हैं। ये लोग खासतौर से अपने माता-पिता की देखभाल और सम्मान करत ...और पढ़ें
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इन मूलांक के बच्चे माता-पिता की सेवा में सबसे आगे (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
मूलांक 6 वाले बच्चे माता-पिता की भावनाओं का सम्मान करते हैं।
मूलांक 2 के जातक परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।
मूलांक 9 वाले संकट में माता-पिता के लिए सबसे पहले खड़े होते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि, कुछ बेटे या बेटियां बड़े होने के बाद भी अपने माता-पिता का हर सुख-दुख में साथ निभाते हैं, जबकि कुछ बच्चे समय के साथ परिवार से दूरी बना लेते हैं?
न्यूमरोलॉजी में इसके पीछे सिर्फ परवरिश को ही दोष नहीं दिया जाता है, बल्कि जन्मतिथि से निकलने वाला मूलांक भी अहम भूमिका अदा करता है। सभी मूलांक के व्यक्तिों का स्वभाव एक-दूसरे से काफी अलग होता है। ऐसे में सवाल यह है कि, आखिर कौन-सा मूलांक अपने माता-पिता के लिए बुढ़ाप की लाठी बनता है।
मूलांक 6, 15, 24
अंकशास्त्र के नजरिए से मूलांक 6 के जातक सबसे अच्छा बेटा और बेटी माने जाते हैं। क्योंकि इस मूलांक पर शुक्र ग्रह का अधिक प्रभाव होता है, जो प्यार, सौहार्द और रिश्तों का कारक भी माना जाता है।
ऐसे लोग अपने माता-पिता की भावनाओं का सम्मान करने के साथ उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं। वे घर में खुशहाल वातावरण बनाने के लिए काफी कोशिश करते हैं और जरूरत पड़ने पर परिवार के लिए सबसे बड़ा त्याग करने के लिए आगे रहते हैं।
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मूलांक 2, 11, 20, 28
मूलांक 2 का स्वामी चंद्रमा को माना जाता है, जिसका संबंध मन से होता है। चंद्रमा से प्रभावित लोग काफी इमोशनल होते हैं। ये अपने माता-पिता की खुशियों को प्राथमिकता देते हैं। इस अंक के बेटे या बेटियों को परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।
इसके अलावा ये लोग घर के बड़े-बुजुर्गों का भी सम्मान करते हैं। हालांकि कभी-कभी जरूरत से ज्यादा इमोशनल होने के कारण ये लोग जल्दी ही आहत हो जाते हैं।
मूलांक 9, 18, 27
जिन भी लोगों का मूलांक 9 होता है, उन पर मंगल ग्रह का अधिक प्रभाव देखने को मिलता है। जब परिवार में किसी भी तरह का संकट आता है, तो यही लोग सबसे पहले खड़े होते हैं।
इन लोगों के लिए अपने माता-पिता की सुरक्षा और खुशी सबसे पहले है। कई बार ये घरवालों पर गुस्सा कर देते हैं, लेकिन मन ही मन पछताते भी हैं। परिवार के प्रति सच्ची निष्ठा और समर्पण का भाव इनकी असल मजबूती है।
अंक शास्त्र सिर्फ व्यक्ति की स्वभाव की ओर इशारा करता है। किसी भी व्यक्ति का व्यवहार सर्वप्रथम उसके संस्कार, शिक्षा, संगत, जीवन के अनुभव और पारिवारिक माहौल पर निर्भर करता है। इसलिए किसी एक मूलांक के सभी लोग एक समान नहीं होते हैं।
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