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पति-पत्नी का मूलांक एक जैसा हो तो क्या होता है, सुखी वैवाहिक जीवन या होती है तकरार?

Updated: Mon, 17 Aug 2026 07:51 PM (IST)

यह लेख अंक ज्योतिष के अनुसार बताता है कि यदि पति-पत्नी का मूलांक समान हो तो उनका वैवाहिक जीवन कैसा रहता है।

अंक ज्योतिष: समान मूलांक वाले पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन कैसा होता है (Picture Credit: AI Generated)

अंक ज्योतिष: समान मूलांक वाले पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन कैसा होता है (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. मूलांक 1 के जोड़ों में अहंकार टकराव की संभावना।

  2. मूलांक 2 और 6 वाले रिश्तों में गहरा प्रेम।

  3. मूलांक 8 में शनि प्रभाव से मनमुटाव अधिक।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक ज्योतिष आपके भविष्य के बारे में कई तरह की बातें बता सकता है। आपके मूलांक के अनुसार आपका आने वाला समय कैसा हो सकता है? आपके जीवन में कौन से उतार-चढ़ाव आ सकते हैं? आपके लिए शादी के लिए कौन सा अंक सबसे अच्छा है? ऐसी कई बातें हैं जो अंक ज्योतिष से पता चलती हैं।

यूं कहा जाए कि शादी के मामलों में अंक ज्योतिष और इसके उपाय बहुत कारगर साबित हो सकते हैं। यही नहीं जिस तरह से ज्योतिष में कुंडली मिलान करके ही शादी की जाती है उसी तरह से अंक ज्योतिष में मूलांक का मिलान जरूरी माना जाता है। आपके मूलांक के लिए कौन सी जन्म तिथि का साथी सही है?

आपको किस मूलांक के लोगों से शादी नहीं करनी चाहिए? एक सबसे जरूरी सवाल कि यदि लड़के और लड़की दोनों का मूलांक एक समान हो तो क्या शादी करना ठीक है? आइए आपको बताते हैं इसके बारे में अंक ज्योतिष क्या कहता है?

अगर पति पत्नी दोनों का मूलांक 1 है

मूलांक 1 का स्वामी सूर्य को माना जाता है और इसी वजह से इस अंक के लोगों में लीडरशिप क्वालिटी होती है। दोनों की ये क्वालिटी बाहर वालों के लिए तो अच्छी है, लेकिन कई बार इनके बीच में टकराव की स्थिति आ सकती है। दोनों का ईगो क्लैश हो सकता है।

दोनों में कम्पटीशन की भावना होने की वजह से इनके बीच अक्सर मनमुटाव हो सकते हैं। इसी वजह से मूलांक 1 के दो लोगों को आपस में शादी नहीं करनी चाहिए। अगर आपकी शादी हो गई है तो दोनों के लिए जरूरी है कि धैर्य बनाए रखें और पति-पत्नी दोनों में से कोई एक अपने ईगो पर कंट्रोल करे।

मूलांक 2 के पति-पत्नी का आपसी रिश्ता

अगर पति-पत्नी दोनों का मूलांक 2 है तो शादी के लिए इन्हें अनुकूल माना जाता है। मूलांक 2 का स्वामी ग्रह चंद्रमा है जो मन का कारक है। ये लोग स्वभाव से बहुत ज्यादा इमोशनल होते हैं और प्रेम के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर सकते हैं। इनमें कभी लड़ाई होती भी है तो ये परिस्थिति अपर काबू पा सकते हैं।

मूलांक 3 के पति-पत्नी का रिश्ता कैसा होता है?

मूलांक 3 के स्वामी गुरु यानी बृहस्पति देव हैं इसलिए इस मूलांक के पति-पत्नी हमेशा समझदारी से काम लेते हैं। किसी बड़ी बात को भी ये आसानी से सुलझा सकते हैं और लड़ाइयां काफी हद तक कम हो जाती हैं।

मूलांक 4 के पति-पत्नी का आपसी रिश्ता कैसा होता है?

मूलांक 4 वालों का स्वामी राहु होता है और इनका रिश्ता प्यार और वफादारी से भरपूर होता है। चूंकि दोनों में एक जैसी ऊर्जा होती है, इसलिए ये एक-दूसरे की जिम्मेदारियों को भी अच्छी तरह समझते हैं, लेकिन कई बार इनके बीच ईगो आ जाता है जो लड़ाइयों का कारण बन सकता है।

मूलांक 5 के पति-पत्नी का आपसी रिश्ता

जिन पति पत्नी दोनों का मूलांक 5 होता है उनका आपसी रिश्ता पति-पत्नी से ज्यादा दोस्त का होता है दोनों में लड़ाइयां लगभग न के बराबर होती हैं और बड़ी समस्याओं को भी चुटकियों में सुलझा लेते हैं।

मूलांक 6 के पति-पत्नी का आपसी रिश्ता

अगर पति-पत्नी दोनों का मूलांक 6 है तो इनके स्वामी शुक्र ग्रह हैं, जिसके प्रभाव से दोनों के बीच बहुत प्यार होता है। ये लोग एक-दूसरे के प्रति वफादार होते हैं और इनके बीच लड़ाइयां नहीं होती हैं।

मूलांक 7 के पति-पत्नी का रिश्ता

मूलांक 7 के पति बहुत ज्यादा इमोशनल होते हैं और किसी भी परिस्थिति में एक-दूसरे को संभाल लेते हैं। केतु के प्रभाव से ये लोग हर फैसला दिल से लेते हैं और इनके बीच आपसी प्रेम बहुत ज्यादा होता है।

मूलांक 8 के पति-पत्नी

अगर पति-पत्नी दोनों का मूलांक 8 है तो इनका स्वामी शनि है और इनके बीच में हमेशा ईगो टकराता है। इनमें आपसी मनमुटाव बहुत ज्यादा हो सकते हैं।

मूलांक 9 के पति-पत्नी का रिश्ता

मूलांक 9 का स्वामी मंगल है और इस मूलांक के पति-पत्नी ऊर्जावान और भावुक होते हैं। हालांकि, दोनों में मंगल का प्रभाव होने के कारण इनके बीच कई बार अहंकार और गुस्से का टकराव भी हो सकता है। पति-पत्नी के रूप में इनका रिश्ता सामान्य होता है।

सभी मूलांक एक दूसरे से अलग स्वभाव के होते हैं और उनके स्वामी ग्रह के प्रभाव से ही उनके वैवाहिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।