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    ईथेनॉल, E85, E100 और गन्‍ने के रस में क्‍या है कनेक्‍शन? पढ़ें जरूरी सवालों के जवाब

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 10:00 AM (IST)

    भारत में ईथेनॉल, E85, E100 और गन्‍ने के रस की काफी ज्‍यादा चर्चा हो रही है। ईथेनॉल क्‍या है और क्‍यों सरकार की ओर से इसे पेट्रोल में मिलाकर ऑफर किया ज ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. ईथेनॉल पेट्रोल मिश्रण से प्रदूषण कम होता है और वातावरण को फायदा

    2. कच्चे तेल आयात पर होने वाले करोड़ों डॉलर की बचत

    3. एक लीटर ईथेनॉल उत्पादन में हजारों लीटर पानी की खपत

    ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत में रोज करोड़ों की संख्‍या में वाहनों का उपयोग किया जाता है। जिनमें हर महीने लाखों वाहन जुड़ जाते हैं। जिससे भारी मात्रा में प्रदूषण होता है। इसे कम करने के लिए अब Flex Fuel या ईथेनॉल से वाहनों को बड़ी संख्‍या में चलाने की तैयारी की जा रही है। ईथेनॉल, E85, E100 क्‍या होता है और इससे कौन से फायदे होंगे। इससे जुड़े जरूरी सवालों के जवाब हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

    क्‍या है ईथेनॉल

    भारत में बीते कुछ समय से ईथेनॉल की काफी ज्‍यादा चर्चा की जा रही है। इस ईंधन से चलने वाले वाहनों को भी जल्‍द लॉन्‍च किया जा चुका है। ऐसे में यह सवाल मन में आता है कि E85, E100 क्‍या होता है। इसका जवाब है कि इसे फ्लेक्‍सिबल फ्यूल भी कहा जाता है जो पेट्रोल और ईथेनॉल के मिश्रण से बनाया जाता है। इसका केमिकल फॉर्मूला सी2एच5ओएच होता है।

    क्‍या है खासियत

    पेट्रोल और गन्‍ने के रस के जरिए ईथेनॉल बनाकर वाहनों को चलाया जा सकता है। साथ ही पेट्रोल में ईथेनॉल की मात्रा को भी अलग अलग स्‍तर पर मिक्‍स किया जा सकता है। अभी तक ई 20 पेट्रोल में 20 फीसदी ईथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल है। लेकिन कुछ समय पहले सरकार ने ई85 को लॉन्‍च किया है, जिसमें 85 फीसदी ईथेनॉल और 15 फीसदी पेट्रोल है। जबकि आने वाले समय में जब ई100 को लॉन्‍च किया जाएगा तो उसमें सिर्फ 100 फीसदी ईथेनॉल ही होगा।

    क्‍यों हो रही ब्‍लेंडिंग

    सरकार इसलिए पेट्रोल में ईथेनॉल को ब्‍लेंड कर रही है क्‍योंकि इससे कच्‍चे तेल के आयात में खर्च किए जाने वाले करोड़ों डॉलर की बचत की जा सकती है। सा‍थ ही यह सामान्‍य पेट्रोल के मुकाबले में प्रदूषण कम करता है, जिससे वातावरण को भी फायदा होगा।

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    क्‍या कम होगी माइलेज?

    सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि ई20 वाहनों में माइलेज सिर्फ दो से छह फीसदी तक कम होगी। लेकिन कई उपयोगकर्ताओं के मुताबिक जब से वह इस ईंधन का उपयोग अपने पुराने वाहन में कर रहे हैं तब से उनकी माइलेज में 30 फीसदी तक की कमी आई है।

    पुराने वाहनों में E85 का उपयोग हो सकता है?

    जानकारों के मुताबिक अगर आपकी गाड़ी पुरानी है और वह ई20 कम्‍प्‍लाइंट भी नही है तो ऐसे में अगर उसमें ई85 ईंधन का उपयोग किया जाएगा तो इंजन में समस्‍या हो सकती है।

    पानी की कितनी जरुरत

    सरकार भले ही ईथेनॉल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, लेकिन कई लोग यह सवाल भी करते हैं कि एक लीटर ईथेनॉल बनाने में कितना पानी खर्च हो जाता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक टन गन्‍ने से 100 किलोग्राम चीनी बनती है और इसी से 70 लीटर ईथेनॉल का उत्‍पादन भी किया जा सकता है। एक लीटर ईथेनॉल के लिए करीब तीन हजार लीटर पानी की जरुरत पड़ सकती है।

    वहीं मक्‍के से बनाए जाने वाले ईथेनॉल में करीब 2570 लीटर तक पानी की जरुरत पड़ सकती है।

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