दिल्ली में ट्रैफिक और चालान के नियम हुए सख्त, कोर्ट में अपील से पहले अब भरना होगा 50% जुर्माना
New Traffic Challan Rule: दिल्ली में अब ट्रैफिक चालान के नियमों को सख्त कर दिया गया है। अब अदालत में अपील करने से पहले चालान का 50% जुर्माना भरना अनिव ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से कराने के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। अब अगर कोई भी अपने ट्रैफिक चालान को कोर्ट में चुनौती देना चाहता है तो उसे कोर्ट जाने से पहले चालान की राशि का 50% जुर्माना जमा करना अनिवार्य होगा। यह कदम एक व्यवस्थित और समय-बद्ध प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका मकसद चालान से जुड़े विवादों को तेजी से सुलझाना और नियमों का पालन पहले से अधिक मजबूत बनाना है।
देरी पर होगी कार्रवाई
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, ट्रैफिक चालान भरने में देरी करने वालों पर अब सख्ती बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि पेंडिंग चालान होने पर रोजाना डिजिटल रिमाइंडर भेजे जाएंगे। उन्होंने साफ कहा है कि, ट्रैफिग चालान करने में देरी करना महंगा पड़ेगा और अब तय सीमा के अंदर जुर्माना भरना अनिवार्य कर दिया गया है।
जुर्माना न भरने पर क्या होगा?
अगर जुर्माने का भुगतान नहीं किया गया को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गाड़ी से जुड़ी सेवाओं जैसे रोड टैक्स भरना, लाइसेंस का रिन्युअल या रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। इसके अलावा, आधिकारिक पोर्टल पर वाहन को लेन-दन के लिए प्रतिबंधित के रूप में मार्क किया जा सकता है।
इससे बकाया राशि भरने तक गाड़ी मालिक का नाम बदलने या कागजी कार्रवाई करने पर रोक लग जाएगी। कुछ मामलों में, अदालत के आदेश के मुताबिक गाड़ी को जब्त भी किया जा सकता है।
सीरियस ऑफेंडर पर कार्रवाई
सरकार सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। नए नियमों के तहत जो व्यक्ति एक साल में 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ेंगे उन्हें सीरीयस ऑफेंडर माना जाएगा। ऐसे मामलों में उस व्यक्ति या ऑफेंडर का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या फिर रद्द भी किया जा सकता है।
खबरें और भी
जुर्माना भरने का समय
नए नियमों के तहत, चालान जारी होने की तारीख से 45 दिनों के अंदर वाहन मालिकों को या तो जुर्माना भरना होगा या ऑनलाइन सिस्टम के जरिए उसे चुनौती देना होगा। अगर इस समय में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो चालान को अपने आप स्वीकार मान लिया जाएगा। इसके बाद, जुर्माने का भुगतान करने के लिए 30 दिन का एक्सट्रा समय मिलेगा।
कोर्ट में चुनौती
अगर चालान को दी गई चुनौती खारिज हो जाती है तो व्यक्ति 30 दिनों के अंदर जुर्माना भर सकता है या कोर्ट में अपील कर सकता है। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब वह जुर्माने की राशि का 50% पहले जमा करे। अगर इन समय-सीमाओं का पालन नहीं होता है तो चालान को फिर से स्वीकार मान लिया जाएगा और भुगतान के लिए आखिरी 15 दिनों का समय दिया जाएगा।
ई-चालान सिस्टम
अब चालान जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाएगा। ई-चालान सर्विलांस कैमरों और ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए बनाए जाएंगे और साथ ही ट्रैफिक पुलिस द्वारा मौके पर फिजिकल चालान भी दिए जाएंगे। अगर गाड़ी मालिक का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है तो उन्हें तीन दिनों के अंदर डिजिटल नोटिस तो वहीं 15 दिनों के अंदर चालान की फिजिकल कॉपी भेज दी जाएगी।
डिजिटल रखा जाएगा रिकॉर्ड
सभी चालानों को आधिकारि ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर दर्ज किया जाएगा जिससे सिस्टम में जवाबदेही बनी रहे। वाहन मालकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर नोटिस प्राप्त करने के लिए अपने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेजों में अपने संपर्क की डिटेल्स को अपडेट रखें।
इस सिस्टम को पूरी तरह से डिजिटल और जवाबदेह बताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि, इस पहल का मकसद ट्रैफिग नियमों का पालन बेहतर बनाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। यह बदलाव तकनीक के जरिए सख्ती लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और सरकार ने बार-बार नियम तोड़ने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकेत दिए हैं।