सरकार ने खत्म की E22 से E30 पर लगी एक्साइज ड्यूटी, क्या सस्ता होने वाला है Ethanol पेट्रोल?
Ethanol Blended Fuel: केंद्र सरकार ने 22 से 30% एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्सजाइज ड्यूटी खत्म कर दी है। इस फैसले से तेल का के लिए दूसरे देशों पर से निर् ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने देश में ज्याजा एथेनॉल वाले पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए एक नया और महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन जारी किया है। 10 जून 2026 को जारी किए गए इस सरकारी आदेश के मुताबिक अब पेट्रोल में ज्यादा मात्रा में एथेनॉल मिलाने पर भी Excise Duty नहीं देना होगा। नए नोटिफिकशन के मुताबिक जिस पेट्रोल में 22 से 30% तक Ethanol मिला होगा उस पर अब कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी होगी।
सरकार ने हटाई एक्साइज ड्यूटी
ध्यान देने वाली बात है कि सरकार ने मार्च 2026 में पेट्रोल और डीजल पर Excise Duty में 10 रुपए की कटौती की थी। इस कदम का मकसद देश के वाहन मालिकों पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर को कम करना था। अब सरकार ने E22, E25, E27 और E30 रेटिंग वाले Ethanol फ्यूल को एक्साइज ड्यूटी से पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया है। आपको बता दें कि, E20 से ऊपर के एथेनॉल मिश्रित फ्यूल के लिए घोषित किया गया है पहला वित्तीय फायदा है।
आपको इससे क्या फायदा है?
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने IS 19850:2026 के तहत E22, E25 और E30 ब्लेंडस के लिए फ्यूल के क्विलिटी स्टैंडर्ड्स की अधिसूचना जारी की थी। ईंधन के ये नए मानक 15 मई 2026 से लागू हो चुके हैं। इनमें सुरक्षा की जरूरत, सल्फर की सीमा, एथेनॉल का स्तर और ऑक्टेन रेटिंग जैसी हर जरूरी चीज तय की गई है।
सरकार ने पहले ही उच्च एथेनॉल मानकों के लिए जरूरी तकनीकी ढांचे को तैयार कर लिया था और अब सरकार ने इस से एक्साइज ड्यूटी हटाकर इसका वित्तीय ढांचा (Financial Structure) तैयार कर दिया है।
क्या सस्ता होगा E22 पेट्रोल?
सरकार ने ज्यादा एथेनॉल मिले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो करने का ऐलान तो कर दिया है लेकिन इस कदम से तुरंत पेट्रोल पंपों पर फ्यूल सस्ता होने की उम्मीद कम है। यह समझना जरूरी है कि सरकार ने ज्यादा Ethanol वाले फ्यूल पर से एक्साइज ड्यूटी को इसलिए हटाया है जिससे इसे बनाने में आने वाली लागत को संभाला जा सके।
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छूट पाने के लिए जरूरी शर्तें
सरकारी आदेश के मुताबिक, टैक्स में छूट का फायदा उठाने के लिए 2 शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। ब्लेंड को बनाने में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और Ethanol पर पहले से ही तय किए गए जरूरी टैक्स चुका दिए गए हों जिसमें सेंट्रल टैक्स, स्टेट टैक्स या इंटीग्रेटेड टैक्स शामिल है। इसके अलावा, यह पेट्रोल पूरी तरह से ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने नियम IS 19850 के नियमों के मुताबिक होना चाहिए।
कच्चे तेल की कीमतें
इस समय दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं इसलिए सरकार का यह कदम इस बढ़ी लागत के असर को खत्म करने में मदद कर सकता है। साथ ही, आने वाले कुछ महीनों में फ्यूल की कीमतों में कटौती आने वाले महीनों में हो सकती है जिसकी जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में यह जानकारी शेयर की है।
क्यों जरूरी है यह फैसला?
सरकार यह कदम इसलिए उठा रही है जिससे देश को बाहर से कम कच्चा तेल मंगाना पड़े और पर्यावरण में प्रदूषण भी कम फैले। इसके अलावा, टैक्स में छूट मिलने से कंपनियों के लिए देश में ज्यादा Ethanol वाला फ्यूल बनाना और बेचना आसान हो जाएगा।