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    पेट्रोल कारों का जमाना खत्म? रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची EV और हाइब्रिड कारों की बिक्री, Maruti का रहा दबदबा

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 12:09 PM (IST)

    Alternative-Fuel Passenger Vehicle: भारत में CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाली गाड़ियां अब पेट्रोल गाड़ियों के करीब पहुंच गई हैं जो खरीदार की बदलती पसं ...और पढ़ें

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    ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोशिएशन (FADA) ने गुरुवार को कुछ आंकड़े जारी किए जिसके मुताबिक भारत में वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली पैसेंजर गाड़ियां पेट्रोल से चलने वाले मॉडल को पछाड़ने की कगार पर हैं। जुलाई में CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल पैसेंजर रिटेल सेल्स में 40.6% की हिस्सेदारी रही जो पेट्रोल की 41.7% हिस्सेदारी से थोड़ी पीछे है।

    एक साल पहले यह अंतर 13.2% अंक था जो अब घटकर सिर्फ एक प्रतिशत अंक से थोड़ा ज्यादा रह गया है। यह खरीदारों की पसंद में तेजी से हो रहे बदलाव को दिखाता है।

    जुलाई में सबसे ज्यादा बिक्री

    भारत में ऑटोमोबाइल रिटेल बाजार ने जुलाई में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है जसमें कुल रजिस्ट्रेशन 25.8% बढ़कर रिकॉर्ड 25.9 लाख यूनिट पर पहुंच गया। पहली बार सभी 6 कैटेगरीज- टू-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, पैसेंजर वाहन, कमर्शियल वाहन, थ्री-व्हीलर, ट्रैक्टर और पहिएदार निर्माण उपकरण (Wheeled Construction Equipment) ने जुलाई में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा रिटेल सेल दर्ज की।

    बिक्री में उछाल

    जुलाई में पैसेंजर वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 19% बढ़कर 4.1 लाख यूनिट हो गई और यह पहली बार 4 लाख के आंकड़ों को पार कर गई है। इस सेगमेंट में CNG वाहनों की हिस्सेदारी 24.6%, हाइब्रिड की 8% और इलेक्ट्रिक वाहनों की 7.9% रही। हालांकि, हाइब्रिड वाहन अपने प्राथमिक फ्यूल स्रोत के रूप में पेट्रोल का इस्तेमाल जारी रखते हैं।

    लेकिन वाहन निर्माता इन्हें अल्टरनेटिव फ्यूल वाले वाहन के रूप में क्लासिफाइड करते हैं क्योंकि वे एफिशिएंसी में सुधार करने और एमिशन को कम करने के लिए IC इंजन को इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ जोड़ते हैं।

    पेट्रोल की हिस्सेदारी में कमी

    इस बीच पेट्रोल की हिस्सेदारी एक साल पहले के 47.6% से घटकर 41.6% रह गई है। FADA ने बताया कि नए मॉडलों के लॉन्च, GST बदलावों के बाद गाड़ियों के ज्यादा किफायती होने और कम खर्च पर गाड़ी चलाने पर उफपभोक्ताओं के बढ़ते फोकस ने ऑप्शनल पावरट्रेन की मांग का समर्थन दिया है। डीलर संस्था ने यह भी बताया कि E20 फ्यूल पर स्विच करने को लेकर बनी अनिश्चितता की वजह से भी कुछ खरीदार CNG, हाइब्रिड और EVs की तरफ आकर्षित होते हुए दिखते हैं।

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    टू-व्हीलर में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी

    टू-व्हीलर के बाजार में भी यह बदलाव साफ दिखाई दिया है। जुलाई में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर गाड़ियों की रिटेल सेल रिकॉर्ड 11.2% रही जो एक साल पहले 7.7% थी। इस महीने के दौरान सभी वाहन सेगमेंट में कुल EV रिटेल रजिस्ट्रेशन बढ़कर 3.28 लाख यूनिट के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए जिससे EV प्रवेश एक साल पहले के 9.6% से बढ़कर कुल वाहन रिटेल सेल का लगभग 12.7% हो गया।

    Maruti Suzuki ने जुलाई में 1.6 लाख से ज्यादा गाड़ियों बेचकर पैसेंजर गाड़ियां बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा।

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