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    भारत-नेपाल सीमा से 2 बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद अलर्ट, घुसपैठ नेटवर्क का पता लगाने में जुटीं एजेंसियां 

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 08:30 PM (IST)

    भारत-नेपाल सीमा पर अररिया में दो बांग्लादेशी नागरिकों को बिना वैध दस्तावेजों के गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब मानव तस्करी सिंडिकेट और घुस ...और पढ़ें

    बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और SSB के जवान। फोटो जागरण

    बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और SSB के जवान। फोटो जागरण

    HighLights

    1. भारत-नेपाल सीमा पर दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार।

    2. बिना वीजा-पासपोर्ट के अवैध घुसपैठ का प्रयास।

    3. सुरक्षा एजेंसियां मानव तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटीं।

    संवाद सूत्र, सिकटी (अररिया)। भारत-नेपाल सीमा पर समय-समय पर अवैध घुसपैठ और बिना दस्तावेजों के आवाजाही के मामलों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस द्वारा बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारियां की जाती रही हैं।

    भारत-नेपाल सीमा पर बिना वैध दस्तावेजों के बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ को नाकाम कर गिरफ्तारी ने सुरक्षा बलों की सतर्कता और मुस्तैदी का परिचय दिया है।

    इस घटना के बाद सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हर आने जाने वालों को जांच के दायरा में लाया गया है। एसएसबी द्वारा गहन जांच अभियान को और भी सख्त कर दिया गया है।

    2 बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी

    तीन अगस्त 2026 को अररिया जिले के आमगाछी बार्डर क्षेत्र में एसएसबी ने नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों (रहमत अली और मो. जमाल हसन जिहाद) को बिना वीजा-पासपोर्ट के गिरफ्तार किया।

    आरोपियों के पास से दो मोबाइल, फर्जी दस्तावेज सहित बांग्लादेश का पासपोर्ट की प्रतियां बरामद की गई है। इस कार्रवाई को सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    स्वदेश लौटने की थी तैयारी 

    प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस और एसएसबी को नेपाल के काठमांडू से बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश कर सिलीगुड़ी कॉरिडोर (पश्चिम बंगाल) के रास्ते असम-बांग्लादेश सीमा होते हुए अपने देश लौटने की योजना बना रहे थे, जिसकी जांच की जा रही है।

    दोनों आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन से कई लोगों के कांटेक्ट नंबर व कई तस्वीर और वीडियो डिलेट होने की बात सामने आ रही है। सुरक्षा एजेंसियो की माने तो बंगाल और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा के कारण घुसपैठिए अब आवागमन और छिपने के लिए खुली भारत-नेपाल सीमा का फायदा उठा रहे हैं।

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    घुसपैठ कराने वाले गिरोह की तलाश में जुटीं एजेंसियां 

    पकड़े गए आरोपियों से मोबाइल, फर्जी दस्तावेज और यात्रा रूट बरामद हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से कर रही हैं।

    दो बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ़्तारी के बाद नेपाल से भारत के विभिन्न राज्यों (जैसे दिल्ली, गोरखपुर या सिलीगुड़ी कॉरिडोर) तक पहुंचाने वाले स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश करने को लेकर सुरक्षा एजेंसी जुट गई है। साथ ही घुसपैठियों द्वारा फर्जी आधार कार्ड या गलत पहचान पत्र बनवाने के संभावित नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।

    एसएसबी 56वी वाहिनी डुब्बाटोला कंपनी द्वारा प्रारंभिक पूछताछ में बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए दोनों को सोनामनी गोदाम थाना के सुपुर्द कर दिया गया है।

    एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवानों द्वारा की गई यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है। इधर एसएसबी और पुलिस हर बिंदुओं पर मामले की जांच में जुट गई है। इसके नेटवर्क कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। साथ हीं मोबाइल डिटेल्स पर भी पुलिस जांच कर रही है।

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