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    नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अलर्ट, छठे दिन भी बॉर्डर सील; बिना जांच नहीं मिलेगी एंट्री

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 10:54 PM (IST)

    नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा छठे दिन भी सील है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ...और पढ़ें

    अंतरराष्ट्रीय सीमा पूरी तरह सील। (जागरण)

    अंतरराष्ट्रीय सीमा पूरी तरह सील। (जागरण)

    HighLights

    1. नेपाल हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा छठे दिन भी सील।

    2. अररिया के फुलकाहा में सुरक्षा एजेंसियां लगातार कर रही गश्त।

    3. दो युवकों की मौत के बाद नेपाल में तनाव बरकरार।

    संवाद सूत्र, फुलकाहा (अररिया)। नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था लगातार छठे दिन भी अभूतपूर्व स्तर पर कायम रही।

    अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत फुलकाहा थाना क्षेत्र से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पूरी तरह सील रही। सीमा पार आम लोगों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहने से सीमावर्ती गांवों के दैनिक जीवन पर भी असर पड़ा है।

    सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। गौरतलब है कि 26 जुलाई की रात नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका के कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था।

    इस दौरान गोली लगने से 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय जयप्रकाश मेहता ने इलाज के दौरान गुरुवार को दम तोड़ दिया।

    दो युवकों की मौत के बाद नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया।

    फुलकाहा एसएसबी बीओपी प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार के नेतृत्व में एसएसबी, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम सीमा पर लगातार सघन जांच अभियान चला रही है।

    सीमा के प्रत्येक प्रवेश बिंदु पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है तथा आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

    सीमा क्षेत्र में संयुक्त गश्ती अभियान भी लगातार जारी है। इधर मानिकपुर बॉर्डर पर एसएसबी और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकालकर सीमावर्ती गांवों के लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

    सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या एसएसबी को देने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।

    सील रहेगी भारत-नेपाल सीमा

    फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि वरीय अधिकारियों के अगले आदेश तक भारत-नेपाल सीमा पूरी तरह सील रहेगी तथा सीमा पार सामान्य आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।

    केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारियों के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसएसबी और स्थानीय पुलिस के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है तथा सीमा क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

    प्रशासन का कहना है कि फिलहाल भारतीय सीमा क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है, लेकिन नेपाल में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, संयुक्त फ्लैग मार्च और गश्ती अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते।

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