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    भारत-नेपाल बॉर्डर पर तनाव, नो मैन्स लैंड के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी; हाई अलर्ट पर SSB

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 04:04 AM (IST)

    नेपाल के सुनसरी और मोरंग जिलों में सांप्रदायिक हिंसा की आंच भारतीय सीमा तक पहुंच गई है। ...और पढ़ें

    सुनसरी में सुरक्षा में तैनात पुलिस। (सौजन्य- सोशल मीडिया)

    सुनसरी में सुरक्षा में तैनात पुलिस। (सौजन्य- सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. नेपाल हिंसा की आंच भारतीय सीमा तक पहुंची।

    2. मानिकपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों को एसएसबी ने खदेड़ा।

    3. एसएसबी और पुलिस सीमा पर हाई अलर्ट पर।

    संवाद सूत्र, फुलकाहा (अररिया)। भारत के अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड के फुलकाहा थाना क्षेत्र से सटे नेपाल के सुनसरी और मोरंग जिले में फैली सांप्रदायिक हिंसा की आंच धीरे-धीरे भारत की सीमा की तरफ भी बढ़ने लगी है।

    गुरूवार की शाम सुनसरी जिला से सटे भारतीय क्षेत्र के मानिकपुर बॉर्डर स्थित नो मेंस लैंड तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए थे, जहां वे मृतक के स्वजनाें काे मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    हालांकि, सूचना मिलते ही एसएसबी और फुलकाहा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। नेपाल में जारी प्रदर्शन को लेकर सीमा पर पहले से ही एसएसबी और पुलिस पूरी सर्तकता बरत रही है।

    गुरुवार की शाम मानिकपुर बॉर्डर के समीप पहुंचे प्रदर्शनकरियों का कहना था कि मृतकों को इंसाफ और शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। सरकार मृतक के स्वजनों को सहायता राशि दे, नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करे, दोषी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिये, नेपाल के सभी मदरसों की जांच के साथ ही हिन्दू एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।

    इस तरह की कई मांगे प्रदर्शनकारी कर रहे थे। हालांकि, जैसे ही प्रदर्शनकारी बॉर्डर के करीब पहुंचे की पुलिस व एसएसबी जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया गया।

    सड़कों पर नजर आ रहे प्रदर्शनकारी

    नेपाल के सुनसरी जिले की सड़कों पर सिर्फ प्रदर्शनकारी ही नजर आ रहे हैं। प्रदर्शन के कारण वहां के लोग बाहर नहीं निकलना चाह रहे हैं। सभी स्कूल-कॉलेज बंद है।

    नेपाल के सुनसरी जिला के दीवानगंज गांवपालिका निवासी रुद्र मेहता, पंचू मेहता, देवानंद यादव, शंभू मेहता आदि ने बताया कि हमलोगों को यहां पर काफी परेशानी हो रही है। सभी दुकानें बंद है, कोई भी समान नहीं मिल रहा है।

    इधर गुरूवार से ही भारत के जोगबनी सीमा से सटे मोरंग जिले के विराटनगर में भी सड़कों पर प्रदर्शन हो रहा है। जगह-जगह आगजनी कर प्रदर्शनकारियों ने बाजार को बंद करा दिया।

    इस हिंसा में अब सुनसरी जिले में दो ओमप्रकाश मेहता, जय प्रकाश मेहता और सिराहा के लहान में एक व्यक्ति गणेश यादव की मौत गोली लगने से हुई है।

    जवानों ने भगाया

    मामले को लेकर फुलकाहा एसएसबी बीओपी प्रभारी सह सहायक सेनानायक राणा कुमार ने बताया कि नेपाल के प्रदर्शनकारी मानिकपुर बॉर्डर के नो मेंस लैंड के समीप पहुंचे थे, लेकिन जवानों के द्वारा उन्हें भगा दिया गया।

    उन्होंने कहा कि एसएसबी जवान बॉर्डर पर चौबीस घंटा हाई अलर्ट पर है। कोई भी नेपाल की तरफ से भारत नहीं आ सकता है। इसको लेकर सभी जगहाें पर जवानों को तैनात किया गया है।

    विदित हो कि नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका के कप्तानगंज वार्ड संख्या तीन में बीते 26 जुलाई की रात कांवर यात्रा निकाले जाने के दौरान झंडा और डीजे बजाए जाने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया था। जिसके बाद वहां हिंसा भड़क गई थी। जो अब धीरे-धीरे कोसी से मधेश प्रदेश की तरफ बढ़ रही है।

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