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    औरंगाबाद-पटना NH-139 होगा फोरलेन: बनेंगे 4 प्रमुख बाइपास, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 01:19 PM (IST)

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) औरंगाबाद से पटना के नौबतपुर तक NH-139 को फोरलेन बनाने के लिए नई डीपीआर तैयार कर रहा है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. NH-139 को औरंगाबाद से नौबतपुर तक फोरलेन बनाया जाएगा।

    2. परियोजना में अरवल, दाउदनगर, ओबरा, औरंगाबाद में चार बाइपास बनेंगे।

    3. औरंगाबाद बाइपास वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ेगा।

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। औरंगाबाद से पटना के नौबतपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को फोरलेन बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के निर्देश पर एनएच ने नई परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

    नई योजना के तहत नौबतपुर से अरवल तक मुख्य मार्ग फोरलेन होगा, जबकि अरवल से औरंगाबाद के महाराजगंज तक यातायात को सुगम बनाने के लिए चार प्रमुख फोरलेन बाइपास बनाए जाएंगे। इनमें अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद के बाइपास शामिल हैं।

    अरवल के अलावा दाउदनगर में करीब 8.3 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं ओबरा में लगभग सात किलोमीटर तथा औरंगाबाद में भरथौली नहर के पहले से अंबा के आगे भारत माला परियोजना की सड़क तक करीब 28 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।

    औरंगाबाद बाइपास भरथौली नहर के पहले से शुरू होकर शहर के पश्चिमी हिस्से तथा रिसियप के पश्चिम से गुजरते हुए सीधे अंबा से आगे भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता (रांची मार्ग) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे लंबी दूरी के वाहनों को औरंगाबाद, रिसियप और अंबा शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा और यातायात का दबाव काफी कम होगा।

    नई योजना के अनुसार धनीबार गांव से पोला गांव तक सड़क को फोरलेन किया जाएगा। पोला से हरिहरगंज तक फोरलेन बाइपास का निर्माण पहले से जारी है। इसका लाभ यह होगा कि एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन धनीबार के पास उतरकर फोरलेन मार्ग से पोला पहुंचेंगे और वहां से हरिहरगंज बाइपास होते हुए डालटेनगंज और गढ़वा की ओर आसानी से आगे बढ़ सकेंगे।

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    एनएच के कार्यपालक अभियंता तुलसी प्रसाद ने बताया कि नई डीपीआर के तहत अरवल बाइपास समाप्त होने वाले स्थान से दाउदनगर बाइपास शुरू होने तक मुख्य सड़क फोरलेन होगी। इसी प्रकार दाउदनगर बाइपास के बाद ओबरा बाइपास और फिर औरंगाबाद बाइपास तक फोरलेन सड़क विकसित की जाएगी। वाहन इन बाइपासों का उपयोग करते हुए सीधे भारतमाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तक पहुंचेगें।

    उन्होंने बताया कि जिन हिस्सों में फोरलेन बाइपास का निर्माण होगा, वहां का पुराना सड़क फोरलेन नहीं बनाया जाएगा। यह निर्णय उस हिस्से में फोरलेन बाइपास बनाने को लेकर लिया गया है। बाइपास बनने के बाद ऐसे पुराने मार्गों को राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

    केवल बाइपासों के बीच बचने वाले मुख्य सड़क को ही फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे औरंगाबाद से नौबतपुर तक फोरलेन परियोजना पूरी होगी। नौबतपुर से पटना तक फोरलेन बन चुका है।

    एनएच की टीम के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

    शुक्रवार को एनएचएआइ की कंसल्टेंसी एजेंसी मोर्थ तथा एनएच विभाग की संयुक्त टीम ने औरंगाबाद एवं ओबरा के प्रस्तावित बाइपास का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रस्तावित मार्ग, एलाइनमेंट और डीपीआर के विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी गई।

    टीम के अधिकारियों का मानना है कि औरंगाबाद बाइपास भारत माला परियोजना से जुड़ने से पटना, औरंगाबाद, पलामू तथा भारतमाला एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।

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