बिहार पुलिस का किडनैपिंग केस में गुडवर्क: 4 साल बाद मिला बच्चा, आद्विक को तलाशते हुए शिवम को भी ढूंढ लाई पुलिस
औरंगाबाद पुलिस ने एक अन्य अपहरण मामले की जांच के दौरान चार साल पहले अगवा हुए शिवम कुमार को बरामद किया है। ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। ओबरा देवी मंदिर के पास से बट सावित्री पूजा के दिन अपहृत चार वर्षीय आद्विक परासर की बरामदगी की जांच के दौरान पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।
आद्विक के मामले में गिरफ्तार महिला गयाजी के डेल्हा थाना क्षेत्र स्थित खरखुरा रोड निवासी रंजू देवी के घर से बरामद दूसरा बच्चा शिवम कुमार चोरी का मिला है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शिवम को 30 मई 2022 को वट सावित्री पूजा के दिन ही ओबरा देवी मंदिर परिसर से चोरी किया गया था।
बरामद शिवम के पिता अनूप पांडेय ग्राम केयाल, थाना करपी, जिला अरवल के निवासी हैं। घटना के समय वे ओबरा के कृष्णा पाठक इमामबाड़ा रोड में रहते थे। बच्चे के अपहरण के बाद ओबरा थाना में प्राथमिकी कराई गई थी, लेकिन मामला बच्चा की बरामदगी नहीं होने से अबतक लंबित था।
मंगलवार को आद्विक के अपहरण में गिरफ्तार महिला रंजू देवी के किराये के मकान से शिवम कुमार को पुलिस ने बरामद किया है। जांच में यह पता चला कि महिला के द्वारा इसे चुराकर लाया गया था।
मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने बताया कि पूछताछ और जांच से यह स्पष्ट हुआ कि महिला ने संतान नहीं होने के कारण बच्चों की चोरी कर उन्हें पालने के उद्देश्य से अपने पास रखा था। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर जांच चल रही है।
बताया कि मामले में महिला के पति रविंद्र पासवान तथा उसकी दो बहनों को गिरफ्तार किया गया है। कारण, सभी लोगों को जानकारी थी कि दोनों बच्चे चोरी के हैं। शिवम के माता-पिता वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं। पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बाद वे अपने बच्चे से मिलने के लिए नई दिल्ली से ओबरा रवाना हो चुके हैं।
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चार वर्ष बाद बच्चे की सकुशल बरामदगी से परिवार में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों बाद बच्चे का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इधर आद्विक और शिवम की बरामदगी के बाद ओबरा के नागरिकों ने पुलिस प्रशासन के कार्यों की सराहना किया है।
ग्रामीणों ने कहा कि आइजी विकास वैभव, एसपी अंबरीष राहुल, दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास, ओबरा थानाध्यक्ष नीतीश कुमार, डीआइओ टीम समेत डेल्हा थाना की पुलिस और अन्य पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और बेहतर समन्वय से दोनों बच्चों की बरामदगी संभव हो सकी।
नागरिकों ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित करने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि स्वजन शिवम की बरामदगी की आस छोड़ दिए थे।
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