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    बिहार में EO हत्याकांड की जांच के लिए SIT गठित, गिरफ्तार चालक से हुई पूछताछ 

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 11:23 PM (IST)

    रोहतास के डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में मगध आईजी ने एसआईटी का गठन किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रव ...और पढ़ें

    जांच पड़ताल करती हुई पुलिस। फोटो जागरण

    जांच पड़ताल करती हुई पुलिस। फोटो जागरण

    HighLights

    1. कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड में एसआईटी गठित।

    2. पुलिस ने चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

    3. हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड बरामद, गहन जांच जारी।

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। रोहतास के डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) का गठन किया है।

    मगध क्षेत्र के आइजी विकास वैभव के द्वारा गठित एसआइटी में एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा, सदर एसडीपीओ-दो (मदनपुर) आदित्य कुमार, बारुण के सर्किल इंस्पेक्टर परवेज अली, बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार, डीआइयू के दारोगा चंद्रहास, नगर थाना डेहरी (रोहतास) के अंचल पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार दूबे, डेहरी थानाध्यक्ष राहुल और डेहरी डीआइओ सेल के प्रभारी राजकुमार यादव को शामिल किया गया है।

    आइजी के अनुसार, पुलिस ने EO की हत्या को अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मानते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की है। ईओ की पत्नी बबिता कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर बारूण थाना में प्राथमिकी हुई है। त्वरित अनुसंधान के दौरान वाहन चालक मिथिलेश कुमार की संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा गया है।

    जांच में जुटी टीम 

    पुलिस के अनुसार, चालक से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसके आधार पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किया गया है। प्राथमिकी में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है।

    मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है। इस टीम में विभिन्न स्तर के पुलिस पदाधिकारी और डीआइयू सेल के अधिकारी शामिल किए गए हैं।

    आधिकारिक सूचनाओं पर ही करें भरोसा 

    आइजी ने बताया कि SIT को निर्देश दिया गया है कि वह स्थानीय पुलिस, एफएसएल और तकनीकी शाखाओं के साथ समन्वय स्थापित कर भौतिक, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का व्यापक विश्लेषण करें। साथ ही, जांच को समयबद्ध और साक्ष्य-आधारित तरीके से पूरा किया जाए।

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    पुलिस ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आइजी ने बताया कि हत्या के प्रयुक्त लोहे का राड को बरामद किया गया है।

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