औरंगाबाद: मलहारा के इंटर समता स्कूल में 762 छात्र और महज 6 कमरे, टपकती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे
औरंगाबाद के मलहारा स्थित इंटर समता उच्च विद्यालय में 762 छात्रों के लिए मात्र 6 कमरे हैं, जिनमें से कई जर्जर और छत टपकने वाले हैं। बुनियादी सुविधाओं क ...और पढ़ें

मलहारा के इंटर समता स्कूल में 762 छात्र और महज 6 कमरे
HighLights
762 छात्र, केवल 6 कमरे, कई जर्जर स्थिति में।
टपकती छतें, दरारें, छात्रों के लिए दुर्घटना का डर।
अधूरी चहारदीवारी से पशुओं का प्रवेश, शिक्षा प्रभावित।
संवाद सूत्र, हसपुरा (औरंगाबाद)। सरकार जहां सरकारी विद्यालयों में छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव इस प्रयास पर सवाल खड़े कर रहा है।
प्रखंड के मलहारा गांव स्थित इंटर समता उच्च विद्यालय इसका एक उदाहरण है। बाहर से भवन व्यवस्थित दिखाई देता है, लेकिन अंदर की स्थिति काफी दयनीय है।
कुल 762 छात्र-छात्राएं नामांकित
विद्यालय में कुल 762 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि शिक्षण कार्य के लिए मात्र छह कमरे उपलब्ध हैं। इनमें तीन खपरैल और तीन पक्के कमरे हैं। एक कमरे में प्रधानाध्यापक का कार्यालय संचालित होता है, जबकि दो पक्के कमरे अधूरे हैं। शेष पक्के कमरों की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और उनमें से सीमेंट गिरता रहता है।
बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच हमेशा किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कमरों की कमी के कारण परेशानी
विद्यालय में बारिश के मौसम में भी करीब 50 प्रतिशत छात्र-छात्राएं पढ़ने पहुंचते हैं, लेकिन कमरों की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि सुचारु शिक्षण के लिए कम से कम 10 अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता है।
विद्यालय की चहारदीवारी भी अधूरी है। करीब छह माह पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन राशि के अभाव में कार्य बीच में ही रुक गया। चहारदीवारी नहीं होने से विद्यालय परिसर में पशुओं का आना-जाना लगा रहता है, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है।
चहारदीवारी का कार्य पूरा कराने की मांग
ग्रामीण महेंद्र सिंह, अवधेश सिंह और लोरिक सिंह ने सरकार से जर्जर कमरों की शीघ्र मरम्मत, पर्याप्त नए कमरों के निर्माण तथा चहारदीवारी का कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और शिक्षण व्यवस्था भी बेहतर होगी।
खबरें और भी
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक पिंकू कुमार ने बताया कि पर्याप्त कमरों के निर्माण, असुरक्षित कमरों की मरम्मत तथा चहारदीवारी निर्माण पूरा कराने के लिए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें- औरंगाबाद: शराब पीने से मना करती थी दूसरी पत्नी, विवाद के बाद आधी रात को ट्रेन के आगे कूदा मजदूर