औरंगाबाद: उत्तर कोयल नहर में छोड़ा गया 1024 क्यूसेक पानी, बारिश नहीं हुई तो घट सकता है डिस्चार्ज
उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना के तहत भीम बराज से मुख्य नहर में 1024 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे खरीफ फसलों की सिंचाई की उम्मीद जगी है। हालांकि, बारि ...और पढ़ें

औरंगाबाद: उत्तर कोयल नहर में छोड़ा गया 1024 क्यूसेक पानी

समय कम है?
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संवाद सूत्र, जागरण (औरंगाबाद)। उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना के तहत खरीफ फसल की सिंचाई को लेकर किसानों की उम्मीदें एक बार फिर मौसम और अधूरी परियोजना पर टिक गई है। जल संसाधन विभाग ने सोमवार को पलामू जिले के मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज से मुख्य नहर में 1024 क्यूसेक पानी छोड़ा है।
हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले तीन-चार दिनों के भीतर उत्तर कोयल नदी के जलग्रहण क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो भीम बराज का जलस्तर तेजी से घट सकता है। ऐसी स्थिति में मुख्य नहर का डिस्चार्ज कम करने अथवा बंद करने की नौबत आ सकती है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, छोड़े गए 1024 क्यूसेक पानी में से करीब 650 क्यूसेक पानी 103 आरडी के पास बिहार सीमा में प्रवेश कर रहा है। इसमें लगभग 400 क्यूसेक पानी अंबा डिवीजन और 150 क्यूसेक पानी सदर डिवीजन को मिल रहा है।
खरीफ सीजन को देखते हुए नहर के नियमित संचालन की तैयारी की जा रही है, लेकिन विभिन्न स्थानों पर क्रॉस रेगुलेटर (सीआर) और हेड रेगुलेटर (एचआर) गेट पूरी तरह चालू नहीं होने से जल वितरण प्रभावित हो रहा है।
प्रखंड के उत्तरी क्षेत्र में धान की नर्सरी तैयार है और रोपाई का कार्य शुरू हो चुका है। इसके बावजूद खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से किसान चिंतित हैं। किसान समय पर सिंचाई के लिए नहर के पानी का इंतजार कर रहे हैं।
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मुख्य नहर में पांच जुलाई से परीक्षण के तौर पर पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले दो दिनों में जल प्रवाह बढ़ा है, लेकिन कई गेट अधूरे या तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण होने के कारण पानी का समुचित संचालन नहीं हो पा रहा है।
केंद्र सरकार की एजेंसी वाप्कोस को जून तक सभी सीआर और एचआर गेट तैयार करने थे, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अब भी अधूरा है।
मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह और अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि भीम बराज में पानी की आवक लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो नहर का जल प्रवाह प्रभावित होगा। गेटों की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए री-माडलिंग एजेंसी वाप्कोस को पत्र भेजा गया है।