बांका में बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रहीं 90 प्रतिशत दुकानें, अवैध प्रतिष्ठानों की पहचान कर सील करने की तैयारी
नगर परिषद बांका में 90% से अधिक दुकानें बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रही हैं, जिस पर प्रशासन अब सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। ...और पढ़ें
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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, बांका। नगर परिषद क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर में कारोबार का बड़ा हिस्सा बिना वैध अनुमति के चल रहा है। अब नगर परिषद प्रशासन ने ऐसे दुकानदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में करीब दो से ढाई हजार छोटी-बड़ी दुकानें संचालित हैं, लेकिन इनमें से मात्र लगभग 200 दुकानदारों ने ही ट्रेड लाइसेंस लिया है। यानी 90 प्रतिशत से अधिक प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे हैं।
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार जल्द ही विशेष अभियान चलाकर ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी दुकानों को सील किया जा सकता है। इसके साथ ही संबंधित कारोबारियों के बैंक खातों पर भी रोक लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि ट्रेड लाइसेंस न सिर्फ वैधानिक प्रक्रिया है, बल्कि इससे नगर परिषद को राजस्व भी प्राप्त होता है, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलती है। इसके बावजूद अधिकांश दुकानदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
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नगर परिषद ने सभी व्यवसायियों से अपील की है कि वे अविलंब ट्रेड लाइसेंस बनवाएं और नियमों का पालन करें। अन्यथा, आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई से बच पाना मुश्किल होगा।
किसे लेना है ट्रेड लाइसेंस
बिहार सरकार व्यवसाय अधिनियम के तहत शहर के सभी छोटे-बड़े दुकानदारों को व्यवसाय चलाने के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े दुकानदारों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
प्राइवेट स्कूल से लेकर क्लीनिक और अन्य छोटी बड़ी दुकान इसके दायरे में आते हैं। अगर ट्रेड लाइसेंस को लेकर नगर परिषद प्रशासन की ओर से सख्ती बढ़ती जाती है तो इससे राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
तीन दर्जन दुकानदारों ने लिया लाइसेंस
शहर के अंदर बिना लाइसेंस खुले में मांस-मछली की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसको लेकर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने सभी नगर निकायों को खुले में मांस-मछली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और स्वच्छता मानकों का पालन कराने का निर्देश दिया था।
इसके बाद नगर परिषद प्रशासन ने अभियान चलाया था। अभियान के बाद शहर के करीब तीन दर्जन दुकानदारों ने नगर परिषद से मांस मछली बिक्री के लिए लाइसेंस अब तक लिया है।
हालांकि अभी भी कई दुकानदार बिना लाइसेंस के दुकान का संचालन कर रहे हैं। नगर परिषद ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर जल्द कार्रवाई करेगा।
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शहर के अंदर संचालित छोटे-बड़े सभी दुकानदारों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी है। ऐसे दुकानदार जिन्होंने अब तक ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया है, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
सुमित्रानंदन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद बांका।